
Dacoit Jagan Gurjar की तलाश में पुलिस की आधादर्जन टीमें, सरमथुरा के जंगलों में होने की सूचना, महिला को बंदूक के बटों से पीट फैलाई थी दहशत
गुडली. यहां हम डकैत जगन Dacoit Jagan Gurjar की बात नहीं कर रहे हैं लेकिन धुणीमाता की पहाडिय़ों पर बीते 4 साल से ये आतंंक का पर्याय बना हुआ था। लोग इसके आ जाने से थरथर कांप उठते थे। हम बात कर रहे हैं एक पैंथर की जो आखिरकार वनविभाग के चुंगल में आ ही गया। शिकार की लालच में वह सोमवार रात को पिंजरे में घुस आया। नाहरमगरा स्थित दीवान ओदी नागेंद्रसिंह राणावत की वाड़ी में वनविभाग की ओर से पिंजरे में बकरी बांधी गई थी। विभागीय कार्ययोजना के तहत शिकार की लालच में सोमवार रात 11 बजे पैंथर पिंजरे में कैद हो गया।
ग्रामीणों ने बताया कि बीते कई सालों से पैंथर का कुंडाल, एयरपोर्ट के पास धुणीमाता, दीवान ओदी, नामरी, बाबाजी का तालाब सहित अन्य समीपवर्ती गांवों में आतंक था। नियमित तौर पर पैंथर panther attack बकरी, कुत्तों का शिकार कर रहा था। ग्रामीण इलाके में रात के समय पैंथर की मौजूदगी से आम ग्रामीण भी भयभीत थे। पैंथर के पिंजरे में आने की सूचना पर विभाग के रैंजर जगदीश चंद्र जीनगर, धुणीमाता वनरक्षक मीरा कल्याणा, सुरेश चंद्र जाट, देवेंद्र कुमार मेघवाल, शंकरलाल गाडरी, आशिक हुसैन, सादिक मोहम्मद एवं नानालाल मौके पर पहुंचे और पिंजरा लेकर गए। पैंथर को कहां जाकर छोड़ा गया है। इस बारे में विभाग स्तर पर फिलहाल कोई खुलासा नहीं किया गया।
Published on:
19 Jun 2019 12:51 pm
