
Panther
उदयपुर/ धरियावद. आदमखोर पैंथर एवं वनविभाग कार्मिकों के बीच लुकाछिपी का खेल लगातार ९वें दिन शुक्रवार को भी जारी रहा। विभाग स्तर पर स्थापित पिंजरे एवं ड्रेप कैमरे को धोखा देते हुए पैंथर ने एक बार फिर गोवंश का शिकार किया। करमेलिया वन खण्ड के लंबीकलम मायाखेड़ी में मृत गोवंश के अवशेष से पैंथर की मौजूदगी की खुलासा हुआ, लेकिन शाम तक भी पैंथर को पकडऩे में विभागीय कोशिशें नाकाम रहीं। पैंथर की मौजूदगी ने एक बार फिर क्षेत्रीय लोगों में दहशत बढ़ा दी है। भयभीत ग्रामीणों का खेत खलिहान में जाना लगभग बंद सा हो गया है। वहीं नाकाम हो रही सर्च ऑपरेशन की कोशिशों से ग्रामीणों में आक्रोश बना हुआ है। इधर, गोवंश मालिक लालिया मीणा ने पैंथर की ओर से गोवंश का शिकार किए जाने की शिकायत विभाग में दर्ज कराई। गौरतलब है कि ९ दिन पहले पैंथर ने क्षेत्र में एक बच्ची पर हमला कर उसका शिकार किया था।
कुछ दूरी पर हुए हमले
पैंथर की प्रकृति को लेकर एक विशेष बात सामने आई कि उसने सोमवार को करमेलिया वन खण्ड में मायाखेड़ी के समीप गाय पर हमला किया था। उसके ठीक ५ दिन बाद पैंथर ने एक बार फिर उसी क्षेत्र में दूसरी गाय को मारा है। आबादी इलाके से महज दो से तीन किमी दूरी पर हुए हमले को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
आदेश की प्रतीक्षा
क्षेत्रीय वन अधिकारी एवं अन्य वन कार्मिकों की मानें तो आदमखोर पैंथर की गतिविधियों एवं लगातार जारी हमले को लेकर चार दिन पहले विभाग स्तर पर मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक जयपुर को प्रस्ताव पेश कर पैंथर को शूट करने की अनुमति मांगी गई है। उसे ट्रेंकूलाइज कर कब्जे में लेने की भी रणनीति पर गौर किया जा रहा है। फिलहाल मामले को लेकर जयपुर मुख्यालय को कोई निर्देश नहीं मिले हैं।
बदली पिंजरे व कैमरों की दिशा
प्रयासों के तहत ही वनविभाग ने एक बार फिर व्यवस्था में बदलाव किया है। विभाग की ओर से अलग-अलग जगहों पर ५ पिंजरे व १० ड्रेप कैमरे लगाए गए हैं। लांबीकलम एवं मायाखेड़ी जंगल के बीच २ किलोमीटर पश्चिम दिशा में एक पिंजरा और लगाया गया है। साथ ही ड्रेप कैमरे को भी जगह दी गई है।
Updated on:
20 Oct 2018 12:55 pm
Published on:
20 Oct 2018 07:00 am
