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भूखे पैंथर ने फिर से आबादी में किया गोवंश का शिकार

panther in udaipur स्थानीय लोगों ने एसीएफ के समक्ष जताया आक्रोश
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panther in udaipur

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उदयपुर/ मेनार/ खरसाण. Panther in udaipur रूंडेड़ा सहित समीपवर्ती इलाकों में दहशत ( created panic ) की वजह बने हुए पैंथर ने मंगलवार रात को भूख शांत करने के लिए एक बार फिर से आबादी ( population ) बस्ती में बने बाड़े में बंधे गोवंश का शिकार किया। बीते 12 दिनों के दौरान क्षेत्र में पैंथर का यह लगातार 10वंा शिकार ( Prey ) है। वनविभाग ने पगमार्ग के आधार पर शिकारी के पैंथर होने की पुष्टि की है। दूसरी ओर घटना की सूचना पर बुधवार को वनविभाग के सहायक वन संरक्षक ( acf ) डीके तिवारी, रेंजर सोमेश्वर त्रिवेदी एवं अन्य स्टाफ ने मौका स्थल का निरीक्षण किया। एसीएफ ने ग्रामीणों ( rurals )की बैठक ली और विशेष तौर पर सतर्क रहने की बात कही। जवाब में ग्रामीणों ने दहशत की बात कहते हुए दिनचर्या प्रभावित होने की बात कही। उन्होंने पैंथर की निरंतर उपस्थिति से जनहानि की आशंका जताते हुए नाराजगी भी जताई।इससे पहले रुंडेड़ा नवानिया रोड निवासी लोगर लाल मेघवाल के बाड़े में घर की महिला अल सुबह गोवंश का दूध निकालने गई। तब उसने गोवंश को मरा हुआ पाया। सूचना पर एससीएफ तिवारी व रेंजर त्रिवेदी ने मौका देखा। एसीएफ ने आवश्यक निर्देश दिए।
ट्रेंकूलाइज करने की उठी मांग
क्षेत्र में दहशत का कारण बने हुए पैंथर को लेकर ग्रामीणों ने आवश्यक गश्त बढ़ाने, वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट को मौके पर बुलाने के साथ पैंथर को ट्रेंकूलाइज करने की बात कही। लोगों ने ग्राम पंचायत के माध्यम से एसीएफ को लिखित में भी पत्र सौंपा। बताया कि पैंथर बीते दो सप्ताह से क्षेत्र में गोवंश, भैंस व बकरियों का लगातार शिकार कर रहा है। पैंथर के मूवमेंट वाले सभी इलाके आबादी से जुड़े हुए हैं। ग्रामीणों ने गश्ती दल के अलावा पैंथर को पकडऩे के लिए पिंजरे बढ़ाने की भी मांग की। ग्रामीणों ने मौके पर खुद की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई। लोगों का बाहर निकलना बंदभयभीत लोगों की स्थिति यह है कि उनका घरों से बाहर निकलना लगभग बंद हो गया है। महिलाएं पैंथर के डर से बाहर नहीं निकल रही। ग्रामीण भी खेतों और कुओं में जाने से कतरा रहे हैं। मवेशियों के लिए हरे चारे की समस्या भी बनी हुई है। बाड़े में पशुओं के समीप जाते हुए परिजन समूह में निकल रहे हैं।
झूठी अफवाहों का दौर
भयग्रस्त लोगों की ओर से अफवाहों का बाजार भी गरम है। हर तरफ पैंथर दिखने की चर्चाएं हैं। हाइवे के निकट मार्वल होटल मेनार, बांसड़ा गांव सहित अन्य जगहों पर पैंथर दिखने की ऐसी ही अफवाहों से वनविभाग का सर्च ऑपरेशन प्रभावित हो रहा है। दूसरी ओर रूंडेड़ा तलाई क्षेत्र में भी पैंथर दिखने की सूचना अफवाह तक सीमित रही। एक दिन पहले मारी बकरियांवल्लभनगर तहसील के रूंडेड़ा के ही गाडरी मोहल्ले में पैंथर की ओर से मंगलवार को भी पैंथर की ओर से दो बकरियों का शिकार करने की पुष्टि हुई है। समीपवर्ती तारावट, किकावास, नवानिया में पैंथर की मूवमेंट बनी हुई है।

कोई कोताही नहीं
पैंथर की गतिविधियों को चिन्हित कर नए सिरे से अतिरिक्त पिंजरे को लगाने की कार्ययोजना बनाई है। एसीएफ की ओर से पिंजरों की संख्या बढ़ाने केे निर्देश मिले हैं। विभागीय स्तर पर पैंथर को पकडऩे के प्रयास जारी हैं। एक्सपर्ट की मदद लेने के अलावा ग्रामीणों को भी सजग किया गया है। शाम के समय मावली से अतिरिक्त पिंजरा मंगाया गया है।
सोमेश्वर त्रिवेदी, रेंजर, वन नाका भींडर

आज शुरू होगा ऑपरेशन
एक्सपर्ट टीम के साथ गुरुवार को सर्च ऑपरेशन होगा। पिंजरों की संख्या बढ़ाकर दो कर दी गई है। विभाग के प्रयास हैं कि समय पर पैंथर संबंधित कार्रवाई पूरी हो। panther in udaipur गश्त को लेकर रेंजर को आवश्यक निर्देश दिए हैं।
डीके तिवारी, सहायक वन सरंक्षक, वनविभाग उदयपुर