
पिंजरे में फंसा पैंथर। पत्रिका फाइल फोटो
Udaipur News: राजस्थान के उदयपुर जिले में दो दिन तक दहशत फैलाने वाला पैंथर आखिरकार वन विभाग के पिंजरे में फंस गया। पैंथर के आतंक से सायरा तहसील क्षेत्र के गांवों में ग्रामीण दहशत में थे। हालांकि, पैंथर के पिंजरे में कैद होने पर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
जानकारी के मुताबिक वन विभाग चलवा गांव में रहट के समीप पिंजरा लगाया था, जिसमें रविवार तड़के पैंथर कैद हो गया। ग्रामीणों की सूचना पर गोगुंदा वन विभाग के फॉरेस्टर पुष्पेंद्र सिंह भाटी सहित टीम मौके पर पहुंची। वन विभाग के अधिकारियों ने पैंथर को कब्जे में लिया। इसके बाद टीम पैंथर को लेकर सज्जनगढ़ पार्क उदयपुर के लिए रवाना हुई।
पैंथर के आबादी क्षेत्र में आने से ग्रामीणों में दहशत थे। ग्रामीणों ने वन विभाग से पैंथर को पकड़ने की मांग की थी। पैंथर के पकड़ने जाने के बाद ग्रामीणों राहत की सांस ली। यह वही पैंथर है, जिसने चार लोगों पर हमला किया था। ग्रामीणों ने बताया कि पैंथर ने गांव में दो दिनों से आतंक मचा रखा था।
बता दें कि चलवा गांव में शनिवार को घर के बाहर बैठे दो चचेरे भाइयों पर पैंथर ने हमला कर दिया था। चलवा निवासी चेतन सिंह व गजेंद्र सिंह दोनों घर के बाहर मंदिर में पूजा कर रहे थे। इसी दौरान पैंथर ने चेतन सिंह को पीछे से आकर दबोचा। साथ ही गजेंद्र सिंह पर भी झपट्टा मारा। दोनों के चिल्लाने पर आसपास के लोग मौके पर दौड़े, जिससे पैंथर वहां से भाग गया था। घटनास्थल से थोड़ी दूरी पर एक बच्चे रूपलाल पर भी पैंथर ने हमला कर दिया था।
ग्रामीणों ने बताया की पैंथर ने शुक्रवार को भी एक पालतू पशु व एक बाइक सवार पर हमला कर दिया था, जिसकी सूचना वन विभाग को दी परंतु कोई ध्यान नहीं दिया गया।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष एक पैंथर ने नौ जनों का शिकार कर दिया था। गोगुंदा रेंज में आदमखोर पैंथर के हमले में नौ जनों की जान चली गई थी और लगातार सर्च अभियान के बाद उसे मार गिराया था।
Updated on:
19 Oct 2025, 1:35 PM IST
Published on:
19 Oct 2025, 1:35 PM IST
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