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प्रधानमंत्री मोदी ने उदयपुर के इस सरपंच से की बात..मिली थपथपी या डांट..जानें पूरा किस्सा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उदयपुर जिले के डेलवास सरपंच से की संक्षिप्त बात

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delwas sarpanch

परसाद. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को दिल्ली में उदयपुर जिले के डेलवास सरपंच से राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना पर संक्षिप्त बात की। सरपंच ने योजना के कार्यदिवस 200 करने और न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने की जरूरत बताई है।


दरअसल, नानाजी देशमुख जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में दिल्ली के पुसा रोड स्थित कृषि अनुसंधान भवन सभागार में केन्द्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्रालय की ओर से नरेगा के कामों की प्रदर्शनी लगाई गई है, जहां बुधवार को पीएम भी पहुंचे। डेलवास सरपंच हजारीलाल मीणा ने इसी विषय पर विकास मॉडल पेश किया। सरपंच ने बताया कि अवलोकन कर रहे पीएम ने मनरेगा की कमियों के साथ अन्य सुझाव पर सवाल किए थे। जवाब मिलते ही वह अगले स्टॉल की ओर चले गए। प्रदर्शनी में देशभर से 28 स्टॉल लगाए गए हैं। इनके साथ संबंधित राज्यों के प्रतिनिधि जानकारी दे रहे थे। सरपंच ने बताया कि पीएम सहित कई आला अधिकारियों ने प्रदर्शनी देखी।


ग्रामीणों ने की स्वागत की तैयारी
आदिवासी तबके के सरपंच को मिले बड़े मौके से क्षेत्र के ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। वापसी पर सरपंच मीणा के स्वागत की तैयारी है। बताया गया कि सरपंच गुरुवार को लौटेंगे।

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ये भी पढ़़े़ें- जनजाति आयोग ने फलासिया में की जनसुनवाई
फलासिया. पंचायत समिति मुख्यालय के अटल सेवा केन्द्र पर बुधवार को जनजाति आयोग अध्यक्ष के निजी सचिव गीतेश मालवीय ने जनसुनवाई की। इस दौरान विकास अधिकारी रमेश मीणा सहित समस्त सरकारी विभागों के अधिकारी, सरपंच व अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे । जनसुनवाई के दौरान मुख्य रूप से झाड़ोल उपखण्ड अधिकारी की ओर से जनजाति वर्ग के जाति प्रमाण पत्र नहीं बनाने की शिकायत जनप्रतिनिधियों ने की। जनप्रतिनिधियों ने बताया कि जिला कलक्टर को शिकायत करने के बाद उन्होंने भी उपखण्ड अधिकारी को पत्र भेज मीणा व मीना के जाति प्रमाण पत्र बनाने के निर्देश दिए थे किंतु उपखण्ड अधिकारी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं । इसके अलावा गरासिया समुदाय के भी जनजाति में होने के बावजूद उनके सामान्य वर्ग के जाति प्रमाण पत्र बनाए जाने की भी शिकायत की गई । मालवीय ने सभी समस्याओं का जल्द निस्तारण करने का आश्वासन दिया।