
अगर एक भी बच्चा स्कूल या आंगनबाड़ी में प्रवेश से नहीं चूका तो वह बनेगी उजियारी पंचायत
उदयपुर . यदि किसी पंचायत का एक भी बच्चा स्कूल या आंगनबाड़ी में प्रवेश से नहीं चूका तो वह उजियारी पंचायत हो जाएगी। इसे ड्रॉप आउट फ्री उजियारी पंचायत कहा जाएगा। ग्रीष्मावकाश के बाद मंगलवार यानी 19 जून से 3 जुलाई तक प्रवेशोत्सव का दूसरा चरण चलाया जाएगा। इसमें सभी पंचायतों में सभी बालक-बालिकाओं को चिह्नित कर उन्हें आयु के अनुरूप आंगनबाड़ी या विद्यालयों से जोड़ा जाएगा। हालांकि आसानी से किसी भी पंचायत को उजियारी पंचायत घोषित नहीं किया जा सकेगा, क्योंकि जिसका नाम इसके लिए प्रस्तावित किया जाता है, उसका भौतिक सत्यापन होगा। इसके बाद ही इस पर आखिरी मुहर लगेगी।
ऐसे जुड़ेंगी प्रवेशोत्सव की कडिय़ां
- प्रवेशोत्सव में तीन जुलाई तक बच्चों का चयन किया जाएगा। 10 जुलाई तक शाला दर्शन व दर्पण पोर्टल पर इसे अपडेट किया जाएगा। इसके बाद 11 से 20 जुलाई के बीच उजियारी पंचायत के लिए आवेदन किया जाएगा।
- पांच अगस्त तक उपखण्ड स्तरीय एवं 20 अगस्त तक जिला स्तरीय भौतिक सत्यापन किया जाएगा। इसी प्रकार 30 अगस्त तक जिला निष्पादन समिति की ओर से अनुमोदन किया जाएगा। 5 सितम्बर को उजियारी पंचायत की घोषणा की जाएगी।
-उपखंड अधिकारी की ओर से गठित ब्लॉक स्तरीय तीन सदस्यीय समिति ब्लॉक स्तर पर प्राप्त सभी आवेदनों का भौतिक सत्यापन करेगी। समिति में बीईईओ, एबीईओ, पीईईओ व नामित सदस्य। भौतिक सत्यापन में गाडिय़ां लुहार, ईंट भट्टा, बस स्टैण्ड, गांव से दूर ढाणी, पूरबा, मजरा को भी जोडऩा है।
- कार्यक्रम की निदेशालय स्तर पर गहन निगरानी की जाएगी। निदेशालय से नामित अधिकारी निरीक्षण कर स्वयं प्रगति की समीक्षा तैयार करेगा। जिस पंचायत पर उजियारी पंचायत की मुहर लग जाएगी, उसे पांच सितम्बर को जिला स्तरीय समरोह में सम्मानित किया जाएगा।
सत्यापन दल की रिपोर्ट उपखण्ड अधिकारी को भेजी जाएगी, वहां से रिपोर्ट कलक्टर के पास जाएगी।
यह होगी प्रक्रिया
- 14 वर्ष तक के सभी बालक-बालिकाओं को शिक्षा मिले।
- 5 से 18 वर्ष तक के सभी बच्चों को नामांकन के बाद उनका ठहराव स्कूलों में तय हो।
- 3 से 8 वर्ष तक के बालक -बालिकाओं को प्राथमिक शिक्षा से जोडऩा।
- पांचवीं, आठवीं व दसवीं उत्तीर्ण या इनकी परीक्षा में 80 प्रतिशत से अधिक बच्चों का चयन कर उनका नामांकन 6,9,11 में करवाया जाए।
- कोई भी विद्यार्थी 45 दिन या इससे अधिक अवधि के लिए विद्यालय से अनुपस्थित नहीं रहा है, और यदि रहा है तो उसे फिर से कक्षानुरूप प्रवेश दिलवाना।
सभी को दूसरे चरण के लिए निर्देश दिए गए हैं। इसके अनुरूप सभी कार्मिकों को कार्य करना है।
शिवजी गौड़, उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा
Published on:
19 Jun 2018 02:19 pm
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