5 सितंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

उदयपुर में फिलहाल प्री-मानसून का असर, मानसून तय समय पर ही देगा दस्तक

उदयपुर . मानसून पूर्वानुमान के अनुसार जून के अंतिम सप्ताह में ही सक्रिय होने की संभावना है।
2 min read
Google source verification
pre monsoon, weather in udaipur, rain in udaipur

उदयपुर में फिलहाल प्री-मानसून का असर, मानसून तय समय पर ही देगा दस्तक

उदयपुर . दक्षिणी राजस्थान में इन दिनों हो रही बारिश प्री-मानसून का असर है। मानसून पूर्वानुमान के अनुसार जून के अंतिम सप्ताह में ही सक्रिय होने की संभावना है। यह बात मौसम विज्ञानी और राजस्थान कृषि महाविद्यालय के शस्य विज्ञान आचार्य विरेंद्र नेपालिया ने कही। उन्होंने बताया कि उदयपुर जिले और आसपास के क्षेत्र में जून के अंत तक ही मानसून सक्रिय होता है।

अब तक की गणना के अनुसार मानसून तय समय पर ही दस्तक देगा। अभी जो बारिश हो रही है, वह मानसून पूर्व की बारिश है। उन्होंने कहा कि संभाग के जिलों में आगामी दिनों में मक्का की फसल ली जाएगी। इसके लिए किसान पहले से तैयारी कर सही समय पर बुवाई करें। इधर, एमजी कॉलेज मार्ग पर एक पेड़ गिरने से स्कूटी क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ।


फिर तीन बजते ही घिर आए बादल
शहर में गत तीन दिन से अपराह्न तीन बजे बादल छा रहे हैं। शुक्रवार को सुबह से ही धूप-छांव का दौर बना रहा। तीन बजे काले घने बादल घिर आने से मौसम सुहावना हो गया। शहर में हल्की फुहारें गिरी जिससे सडक़ें गिली हो गई।


झील किनारे बढ़ी रौनक
अपराह्न में बारिश के आसार बनते ही झीलों के किनारे शहरवासियों की भीड़ बढ़ गई। लोग परिवार और मित्रों के साथ फतहसागर, पिछोला, दूधतलाई सहित अन्य पर्यटन स्थलों पर पहुंचे और सुहाने मौसम के बीच विविध व्यंजनों का लुत्फ उठाया।


तापमान गिरा
डबोक स्थित मौसम कार्यालय के अनुसार शुक्रवार को अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो गुरुवार को क्रमश: 40.8 और 27.2 डिग्री रहा था।

कानपुर में डेढ़ घंटे बारिश
शहर के नजदीक कानपुर में करीब डेढ़ घंटा बारिश हुई। इस दौरान बोरीवाली पहाड़ी का पानी मुख्य सडक़ के नालों से होते हुए दुकानों और घरों में घुस गया। पूर्व वार्ड पंच पन्नालाल मेघवाल ने बताया कि गांव में हर बार पुरानी सडक़ पर ही डामर चढ़ा दिया जाता है। ऐसे में सडक़ तीन से चार फीट ऊपर उठ गई है और दुकानों और मकानों के दरवाजे सडक़ के नीचे आए गए। इधर, नालों की सफाई नहीं होने के चलते पानी उफन कर घरों और दुकानों में घुस जाता है। शुक्रवार को गांव के दिव्यांग गोपाल लोहार, दुर्गेश सुथार, हिम्मत माण्डावत, श्यामसुंदर सुथार, राबाउप्रावि में पानी घुस गया। गांव में मुख्य मार्ग पर एक पेड़ भी गिर गया।