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तीन साल बाद हुई जिला स्तरीय सडक़ सुरक्षा प्रकोष्ठ की बैठक में पीडब्ल्यूडी को सिखाया पाठ

उदयपुर सांसद के कहने पर शुक्रवार को ‘जिला स्तरीय सुरक्षा प्रकोष्ठ’ की आनन-फानन में बैठक बुलाई।

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उदयपुर . अपनी ही जिम्मेदारी को लेकर अब तक गैर जिम्मेदार रहे लोक निर्माण विभाग ने आखिरकार उदयपुर सांसद के कहने पर शुक्रवार को ‘जिला स्तरीय सुरक्षा प्रकोष्ठ’ की आनन-फानन में बैठक बुलाई। तीन साल बाद आहुत बैठक में सांसद अर्जुनलाल मीणा की अध्यक्षता में विधायकों की सहमति से 72 करोड़ की लागत वाले 80 पुलिया निर्माण के कार्यों का अनुमोदन हुआ।

कायदे के अनुसार आमजन की सडक़ से जुड़ी समस्याओं के निस्तारण को लेकर होने वाली यह बैठक प्रत्येक छह माह में होनी चाहिए। लेकिन, स्वयं सांसद स्तर पर केंद्र सरकार के तीन वर्षीय कार्यकाल में पहली बार बैठक होने की बात स्वीकार की गई। दुर्घटना का कारण बन रही सडक़ों की पुलियाओं को सुधारने सहित जनजाति क्षेत्र में विकास कार्यों को गति देने वाले अन्य प्रस्तावों पर गंभीरता से चर्चा हुई।

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इस दौरान ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, खेरवाड़ा विधायक नानालाल अहारी, सूलम्बर विधायक अमृतलाल मीणा, मावली विधायक दलीचंद डांगी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को बिना डांट-फटकार लगाए विकास के मुद्दों पर बातचीत को जारी रखा। संचालन पीडब्ल्यूडी के कार्यवाहक अतिरिक्त मुख्य अभियंता चंद्रमोहनराज माथुर ने किया।


विधायकों के यह प्रस्ताव
-ग्रामीण विधायक मीणा ने रामपुरा-खेड़ा तथा प्रताप नगर-बलीचा बायपास से सलूम्बर की ओर 1.5 किलोमीटर सडक़ सुधार के प्रस्ताव रखे।
-सलूम्बर विधायक मीणा की ओर से 29 पुलिया निर्माण के प्रस्तावों का तकनीकी परीक्षण कराने पर सहमति बनी।
-खेरवाड़ा विधायक अहारी ने छांणी-झांझरी मार्ग, खेरवाड़ा-सागवाड़ा तथा सुलई-सागवाड़ा मार्ग पर पुलिया निर्माण की प्राथमिकता पर जोर दिया।
-धरियावद विधायक गौतमलाल मीणा ने लसाडिय़ा उपखण्ड में पुलिया निर्माण की बात कही।
-मावली विधायक डांगी ने सडक़ों के बीच वाहनों को अनियंत्रित करने वाली पुलियाओं के सुधार के सुझाव दिए।

‘डार्क स्पॉट्स’ के सर्वे पर चर्चा
जिला यातायात प्रबंध समिति से मिले सुझावों के तहत जिले मे ‘डार्क स्पॉट्स’ के सर्वे पर चर्चा के साथ उदयपुर- सलूम्बर के बीच पडऩे वाले ‘ब्लैक स्पॉट्स’ को प्राथमिकता से सुधारने पर सहमति बनी। इस बारे में राजस्थान राज्य सडक़ विकास निगम को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। बैठक में अनुसूचित क्षेत्र में पडऩे वाले मार्गों तथा पुलियाओं के सुधार के प्रस्ताव तैयार कर संविधान की धारा 275(1) के तहत प्रस्ताव बनाकर भारत सरकार को भिजवाने का निर्णय हुआ। इसके तहत यह प्र्रस्ताव टीएसी की बैठक में शामिल होंगे।


24 करोड़ की स्वीकृति
इधर, सांसद की ओर से उदयपुर-डूंगरपुर के बीच सोम नदी पर संगमेश्वर महादेव क्षेत्र होकर गुजरने वाले मार्ग पर 24 करोड़ की लागत से पुलिया निर्माण की केंद्र से जारी हुई स्वीकृति पर चर्चा हुई। यह पुलिया दोनों जिलों की सीमा रेखा को अंकित करने में भी सहायक होगा। इसका फायदा सलूम्बर, खेरवाड़ा एवं डूंगरपुर विधानसभा क्षेत्र को मिलेगा।

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जिला स्तरीय सडक़ सुरक्षा प्रकोष्ठ की बैठक प्रत्येक 6 माह में होनी चाहिए। विभाग की ओर से इस मसले में ढिलाई बरती जा रही थी। मेरी ओर से जानकारी दिए जाने के बाद विभाग ने बैठक बुलाई थी। बैठक में उठाए गए मुद्दे जनजाति क्षेत्र के विकास में सहायक होंगे।
अर्जुनलाल मीणा, सांसद, उदयपुर