
बताया गया कि निलंबन अवधि के दौरान इन विद्यार्थियों पर हॉस्टल, कॉलेज व परीक्षा में पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया है। अभिभावकों के साथ उपस्थिति देने की हिदायत के साथ 25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया। इस कार्रवाई के बाद सीनियर व जूनियर छात्र सहम गए, जूनियर छात्र तो बुधवार को कक्षाओं में भी नहीं गए।
गौरतलब है कि एमबीबीएस का नया बैच अगस्त में आया था। सितम्बर में जूनियर बॉयज हॉस्टल में सीनियर्स ने रैङ्क्षगग शुरू कर दी। आए दिन रैगिंग के बावजूद छात्रों ने किसी से शिकायत नहीं की। एक छात्र ने अपने परिजनों को बताया। उन्होंने पूरी जानकारी देने के साथ सुप्रीम कोर्ट के वेब पार्टल पर शिकायत कर दी। शिकायत में छात्रों के साथ हो रहे अमानवीय कृत्यों के बारे में उल्लेख किया।
पुलिस अधिकारी ने भी देखा था एक बार
कोर्ट चौराहे पर कुछ दिनों पूर्व सीनियर छात्रों ने रात के समय जूनियर छात्रों से मारपीट की। सभी जूनियर कान पकडक़र खड़े रहे। यह सब वहां खडे़ एक पुलिस अधिकारी ने भी देखा था, लेकिन इससे पहले कि वह कुछ समझ पाते, सभी छात्र वहां से गायब हो गए थे।
Updated on:
02 Nov 2017 09:33 am
Published on:
02 Nov 2017 02:07 am
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