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उदयपुर में हुए इस रैंगिंग मामले में आया नया मोड़, 35 विद्यार्थी निलम्बित

उदयपुर- जांच में अगर आरोपित छात्रों को दोषी पाया जाता है तो उन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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raging case in college udaipur

उदयपुर पत्रिका. महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि के संघटक कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी एंड इंजीनियरिंग (सीटीएई) में प्रथम वर्ष के छात्रों की रैगिंग की शिकायत पर कॉलेज प्रशासन ने 35 छात्रों को निलम्बित करते हुए जांच कमेटी गठित की है। प्राचार्य प्रो. एसएस राठौड़ ने बताया कि आठ सदस्यी कमेटी मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

जांच में अगर आरोपित छात्रों को दोषी पाया जाता है तो उन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। डॉ. राठौड़ ने कहा कि मामला रैगिंग से जुड़ा हुआ प्रतीत नहीं होता है। आरोप लगाने वाले सभी छात्र एक वर्ष से यहां पढ़ रहे हैं। ऐसे में इतने समय के बाद रैगिंग की संभावना नहीं रहती है। ये छात्रसंघ चुनाव को लेकर प्रलोभन में उनके साथ बाहर गए होंगे।

यह है मामला
कॉलेज के बीटेक प्रथम वर्ष के 19 छात्रों ने 35 सीनियर छात्रों पर 24 अप्रेल को सुखेर क्षेत्र में रात तीन बजे उनके साथ रैगिंग होने की शिकायत की थी। छात्रों का कहना है कि क्षेत्र के लोगों ने पुलिस को सूचना दी तब सुखेर पुलिस ने आकर आरोपियों को शांतिभंग में गिरफ्तार किया था। कॉलेज प्रशासन ने छात्रों पर कोई मामला दर्ज नहीं करवाया।

READ MORE: जैव प्रौद्योगिकी से फसल उत्पादन बढ़ाने की जरूरत


उदयपुर . महाराणा प्रताप कृ षि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के संघटक अनुसंधान निदेशालय में शुक्रवार को जैव सुरक्षा क्षमता निर्माण पर कार्यशाला हुई। मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. उमाशंकर शर्मा ने कहा कि देश में निरन्तर उपजाऊ भूमि का क्षेत्र कम होता जा रहा है। इसलिए अब जैव प्रौद्योगिकी के माध्यम से फ सल उत्पादन को बढ़ाने की आवश्यकता है। साथ ही यह भी ध्यान रखना होगा कि आनुवंशिकी संशोधित फ सलों का हमारी भूमि पर क्या प्रभाव पड़ रहा है।

बायोटेक कंसोरटियम इण्डिया लिमिटेड के मुख्य प्रबन्धक डॉ. विभा आहूजा ने जैव सुरक्षा प्रणाली की जानकारी दी। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के संयुक्त निदेशक डॉ. मुरली कृष्णा ने कहा कि देश के 52 संस्थाओं में जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र में बायोलॉजी, फ सल संरक्षण व पोषण सम्बन्धी पहलुओं पर कार्य किया जा रहा है। देश के 9 संस्थानों में जैव परावर्तित जीवों की जांच व सत्यापन पर काम हो रहा है। इस दृष्टि से भारत की स्थिति काफ ी अच्छी है।


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