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मजबूरी का उठा रहे फायदा: अंधेरे के साए में ग्रामीण जिंदगियां

बदराणा गांव के मोहम्मद फलासिया का मामला, निगम व ठेकेदार के बीच नहीं हो रहा समन्वय
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udaipur

मजबूरी का उठा रहे फायदा: अंधेरे के साए में ग्रामीण जिंदगियां

उदयपुर/ झाड़ोल. विद्युत निगम में पसरी अंधेरगर्दी इस गांव के लिए अभिशाप बन गई है। बीते दिनों प्राकृतिक आपदा के बीच टूटी बिजली लाइनों के बाद से ग्राम पंचायत बदराणा के मोहम्मद फलासिया गांव से बिजली गुल है। मजबूरी में स्थानीय लोगों को अंधेरे में रातें गुजारनी पड़ रही है। मानसून की काली छटाओं वाली रात में लोगों को विषैले जीवों का डर सता रहा है। सक्रिय चोरों की चिंताएं भी घर के जिम्मेदारों पर बनी हुई है। लगातार शिकायतों के बावजूद निगम के जिम्मेदार ग्रामीणों की समस्याओं को दूर करने में विफल साबित हो रहे हैं। संवेदक एजेंसी और निगम कार्मिकों के बीच आपसी समन्वय की कमी से ग्रामीणों की समस्या का स्थायी हल नहीं निकलता दिख रहा है। गौरतलब है कि अप्रेल माह में आए तेज अंधड़ के बीच क्षेत्र को सप्लाई देने वाली बिजली लाइनें व पोल हवा के झोंकों के साथ धराशायी हो गए थे। इसके बाद से स्थानीय उपभोक्ता और सरपंच प्रकाश चंद्र डूंगरी की ओर से निगम अधिकारियों को व्यवस्था सुधार के लिए कई बार गुहार की गई, लेकिन अनदेखी के बीच करीब 20 परिवारों की जिंदगी में अंधेरा पसरा हुआ है।

24 घंटे में कार्रवाई
व्यवस्था बहाली के लिए निजी एजेंसी को पाबंद किया है। 24 घंटे के भीतर समस्या समाधान नहीं होता है तो ठोस कार्रवाई की जाएगी।
अंकुर कश्यप, प्रभारी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय योजना