
सिकन्दर पारीक/उदयपुर. चुनावी मौसम में दीपावली की रंगत इस बार कुछ खास है। एक तरफ जहां जनप्रतिनिधियों के लिए चुनाव के मौसम में दीपावली का त्योहार जनसम्पर्क का अच्छा माध्यम बन रहा है, वहीं लोग भी आश्चर्यचकित हैं कि इस बार शुभकामनाएं देने खुद नेताजी आए हैं। इन नेताओं में जहां संभावित उम्मीदवार हैं तो पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी भी शामिल हैं। शुभकामनाओं के साथ चुनाव में साथ देने का संकेत भी पदाधिकारी व कार्यकर्ता खिसकाने में नहीं चूक रहे हैं।
मिठाइयां बन रही माध्यम
दीपावली की शुभकामनाएं याद रहे, इसके लिए मिठाइयों का आदान-प्रदान भी खूब हो रहा है। आचार संहिता के उल्लंघन के डर से हालांकि मिठाई के डिब्बे पर पार्टी का चिन्ह या स्वयं का नाम तो नहीं लिखवाया गया है। कुछ पदाधिकारी व कार्यकर्ता स्वयं के नाम से भी मिठाइयों का वितरण कर रहे हैं।
पूछ रहे हैं स्वास्थ्य का हाल
दीपावली की शुभकामनाओं के साथ अब जनप्रतिनिधि जनता के स्वास्थ्य का हाल भी पूछ रहे हैं। पहले जहां जनप्रतिनिधियों के आसपास का घेरा भी जनता की उनसे दूरी बनाकर रखता था। अब वे लोग ही किसी बुजुर्ग या अन्य लोगों को बुला-बुलाकर परिचय करवा रहे हैं। ऐसे में भला जनप्रतिनिधि कैसे पीछे रहे? स्वास्थ्य व घर-परिवार में सब कैसे हैं, जरूर पूछ रहे हैं। कई बार तो परिचित का नाम लेकर संबोधन करते हैं और जिनके नाम पता नहीं है, धीरे से कार्यकर्ता से उनका नाम पूछकर उन्हें भी संबोधित कर रहे हैं।
ध्यान रखना
मिठाई वितरण व शुभकामनाओं के बाद पार्टी के पक्ष में प्रचार किया जा रहा है। चाहे घरों में जनसम्पर्क हो या फिर कहीं चर्चा, जनप्रतिनिधियों के अब ये ही बोल सुनाए रहे हैं कि ध्यान रखना।
Published on:
06 Nov 2018 04:27 pm
