
Rajasthan News : वन विभाग की पहल, बॉटनिकल गार्डन में लगाए जाएंगे आदिवासी समुदाय के 21 गौत्रों के वृक्ष
Rajasthan News : उदयपुर में प्रकृति और समुदाय के बीच अटूट संबंध से विद्यार्थियों और पर्यटकों को रूबरू कराने की पहल शहर के निकट केवड़ा की नाल में बन रहे बॉटनिकल गार्डन में देखने को मिलेगी। वन विभाग की ओर से 70 हैक्टेयर में बनाए जा रहे इस उद्यान में एक वाटिका ऐसी होगी, जहां आदिवासी समुदाय के 21 गौत्रों के वृक्ष लगाए जाएंगे। इसे एक बीघा भूमि पर विकसित किया जाएगा। शहर से करीब 10 किमी दूर सराड़ा रेंज में वन विभाग के उदयपुर मंडल की ओर से लगभग सात करोड़ की लागत से बॉटनिकल गार्डन विकसित किया जा रहा है। जहां 500 विभिन्न प्रजातियों की वनस्पति के अलग-अलग पार्क तैयार किए जा रहे हैं। इसी के तहत एक पार्क आदिवासी गौत्रों के विभिन्न वृक्षों का तैयार होगा। जहां वृक्षों पर संबंधित गौत्र का विवरण दर्शाया जाएगा।
1- आंवला, आंवली आंवला।
2- जंगली शीशम, सिरसडी बाबेरिया।
3- पलाश, छीला, खाखरा, टेसू भगोरा एवं पलासिया।
4- बेल, बील, बीली बीवल।
5- बांस, वहांडा डांगी।
6- मरोड फली, आटेडी डिन्डोर।
7- गंभारी, हवन, सवन गमार।
8- गिरनार, धोबी का कबाड़ा गणवा।
9- लिसौड़ा, गौंदा गुन्दिया।
10- जामुन, जामू जामुनिया।
11- कलम, कीमड़ा कनवी।
12- खैर खैर।
13- करौंदा मैना।
14- बहेड़ा, बेड़ा बहेड़ा।
15- बरगद, वडला, वड निनामा।
16- रोहण रोहणी।
18- सेमल, सेमली सेमला।
19- बेर, बोर सोयला।
20- ताड़ ताड़।
21- लौकी, तुबी, आल तुंबर।
22- नीम पारगी एवं वडेरा।
उदयपुर-बांसवाड़ा मार्ग पर वन विभाग ने लगभग दो वर्ष पूर्व बॉटनिकल गार्डन के कार्य की शुरुआत की थी। इसमें अब तक अरावली की 275 प्रजातियों की वनस्पतियां लग चुकी हैं। इनमें वृक्ष, हर्ब, शर्ब, क्लाइंबर, केक्टस एवं सेक्यूलेंट व ग्रासेस शामिल हैं। यह प्रोजेक्ट 2026-27 में पूरा होने का अनुमान है।
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Updated on:
25 Jul 2024 03:24 pm
Published on:
25 Jul 2024 03:23 pm
