
मोहम्मद इलियास/उदयपुर. जिले में आठ विधानसभा सीटों पर प्रत्याशियों के पास मतदाताओं तक पहुंचने के लिए अब बहुत कम समय बचा है। महज 12 दिन तक वे अगर प्रतिदिन 12 घंटे भी प्रचार प्रसार करे तो उनके पास महज अब केवल 144 घंटे बचे है। जबकि एक-एक विधानसभा क्षेत्र में हजारों मकान व दूर-दूर तक गांव है। ऐसे में नेताजी हर घर व गांव तक कैसे पहुंच पाएंगें, यह दिलचस्प होगा। जिले की अधिकतर सीट पर दिग्गज है। खुद गुलाबचंद कटारिया खुद की सीट की पर प्रचार के साथ ही अन्य जिले अन्य दावेदारों की सीट के लिए भी दूसरी जगह भाषण दे रहे है। कांगे्रस में भी बड़े नेता की आवाजाही पर पूर्व मंत्री रघुवीरसिंह मीणा, गिरिजा व्यास यहां आवभगत में लगे है। कम समय सभी नेता को प्रचार के लिए बहुत दौडऩा पड़ेगा। इसे समझने के लिए राजस्थान पत्रिका ने जिले की आठों विधानसभा सीटों की पड़ताल की तो सामने आया कि सर्वाधिक दौड़ झाड़ोल व सलूम्बर विधानसभा क्षेत्र में है। दोनों सीट का क्षेत्र 100 किलोमीटर के दायर तक फैला है। सबसे कम दौड़ शहर के प्रत्याशियों के बीच होगी वे दस किलोमीटर के दायरों में गलियों में घूमेंगे।
चुनौती से कम नहीं होगा हर घर तक पहुंचना
जिले के आठों विधानसभा में उतरने वाले उम्मीदवारों में कई प्रत्याशियों के लिए 12 दिन में समूचे क्षेत्र तक पहुंचना चुनौती से कम नहीं है। इनमें से वे प्रत्याशी भी है जो पहले चुनाव लड़ चुके है लेकिन दूरस्थ गांव अभी उनकी पकड़ से दूर है। कुछ नए प्रत्याशी भी है जिन्हें वरिष्ठों को सहारा लेकर प्रचार की गणित को समझना होगा।
उदयपुर शहर की सीट का
मोटा-मोटा गणित
30 वर्ग किलोमीटर के
करीब दायरा
01 लाख के करीब मकान
2,37,196 मतदाता
1000 से ज्यादा मकानों में करना होगा प्रतिदिन प्रचार
218 बूथ
12 दिन में पूरी करनी है दौड़
07 दिसम्बर को है चुनाव
उदयपुर ग्रामीण की सीट का
मोटा-मोटा गणित
55 वर्ग किलोमीटर के करीब दायरा
50 से ज्यादा के करीब ग्राम पंचायत
2,57,115 मतदाता
268 बूथ
12 दिन में पूरी करनी है दौड़
Updated on:
25 Nov 2018 03:44 pm
Published on:
25 Nov 2018 03:44 pm
