
उदयपुर . सेवानिवृत्त आरएएस अधिकारी शांतिलाल नागदा ने सोमवार रात को अपने मकान के पास ही स्थित चारभुजा मंदिर के कमरे में हाथ की नसें काटने के बाद फांसी का फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। लम्बे समय से उदयपुर में ही अलग-अलग विभागों में तैनात रहे नागदा के एकाएक इस कदम से सभी चौंक पड़े, किसी को आत्महत्या का कारण समझ नहीं आ रहा। अम्बामाता थानापुलिस ने शव को एमबी चिकित्सालय के मुर्दाघर में रखवाया है, मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम किया जाएगा।
पुलिस ने बताया कि सहेलीनगर देवाली निवासी शांतिलाल (63) पुत्र कन्हैयालाल नागदा प्रतिदिन फतहसागर पर घूमने के बाद देवाली छोर पर स्थित अपने पैतृक मंदिर पर पूजा अर्चना करते थे। मंदिर के ऊपरी माले पर दो कमरे बना रखे थे। दोपहर एक बजे तक मंदिर में रहने के बाद वे रोज की तरह ही ऊपर कमरे में आराम करने चले गए। शाम 6-7 बजे तक नहीं लौटने पर पुजारी ने आवाज लगाई, तो जवाब नहीं मिलने पर उसने ऊपर जाकर देखा तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला तथा दूसरे कमरे में खून के कुछ कतरे पड़े थे। शंका होने पर पुजारी ने परिजनों व अन्य लोगों को सूचना दी। लोगों ने वहां पहुंचकर दरवाजा तोड़ा तो वे अंदर लटके मिले। सूचना पर अम्बामाता थानाधिकारी नेत्रपालसिंह मय जाप्ते मौके पर पहुंचे।
फंदे पर लटकने से पहले काटी हाथ की नसें
नागदा ने फंदे पर लटकने से पहले अपनी हाथ की नसें काटी थी। पुलिस का मानना है कि संभवत: नस काटने के जब कुछ नहीं हुआ तो उन्होंने दूसरे कमरे में जाकर फांसी का कदम उठाया। पुलिस ने कमरे की भी तलाशी ली, लेकिन सुसाइड नोट या अन्य कोई कागज नहीं मिला। फिलहाल पुलिस ने कमरा सील कर लिया है। मंगलवार को दुबारा तलाशी लेकर जांच की जाएगी।
Published on:
24 Oct 2017 01:51 am
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