उदयपुर

राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अध‍िकारी आरएन मेहता बोले, सिविल सर्विसेज आराम की नौकरी नहीं चैलेंज है.. देखें video

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Jul 27, 2018
video : उदयपुर में राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी अविनाश पांडे ने कहा, कटारिया का बयान पार्टी के लिए बड़ा धोखा और गद्दारी वाला

मुकेश हिंगड़/प्रमोद सोनी/ उदयपुर. अगर आप सिविल सर्विसेज में जाना चाहते हैंं तो ये माइंड मेकअप जरूर करना होगा कि ये सर्विस चैलेंज है। आजीविका की सोच से अगर उस तरफ कदम रख रहे हैंं तो कोई मतलब नहीं रहेगा उसको ज्वॉइन करने से। सेवा, संकल्प, मेहनत और ईमानदारी जैसे थॉट से इस फील्ड में जाएंगे तो आपके कदम आगे बढ़ते जाएंगे और आप बहुत ऊंचाईयां प्राप्त करेंगे। यह कहना है राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) के अफसर रामनिवास मेहता का। उदयपुर में करीब चार साल तक यूआईटी सेक्रेटी के पद पर काम कर उदयपुर शहर की चारों दिशाओं में रोड नेटवर्क जैसे बड़े काम को अंजाम देने वाले मेहता ने पत्रिका से बातचीत में कहा कि आज युवा प्रशासनिक सेवा के फील्ड को चुने और इसकी तैयारी करें लेकिन वे सिविल सर्विसेज को आराम की नौकरी नहीं समझे, वहां शॉर्ट कट नहीं चलेगा, घंटों मेहनत और ईमानदारी के साथ काम करना होगा, मेहता की सोच है कि प्रशासनिक अधिकारी बनने सेे ज्यादा अधिकारी बनकर जनता के हित में काम करना उससे भी कठिन है।

लेकसिटी वालों का भरोसा नहीं तोड़ा

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मेहता कहते है कि यूआईटी में काम करते हुए एक लाख हाउसहोल्डर्स वाले लेकसिटी के किसी भी फेमिली का उन्होंने भरोसा नहीं तोड़ा है। वे कहते है कि उनमें जितना दिमाग, शरीर, बुद्धि, कौशल है उसका पूरा मन से काम करते हुए पब्लिक को सर्विस दी। -- 15 घंटे काम में इसलिए नहीं होती थकान जब 12 से 16 घंटे तक काम कैसे करते का सवाल किया तो मेहता बोले कि हमारा शरीर काम करने के लिए बना है, ईश्वर ने जो दिया उसे हुक्म मानकर किया तो थकान महसूस नहीं होती है। मेहता ने कहा कि उनकी धर्मपत्नी और बेटे ने भी उनका पूरा साथ दिया, सुबह जल्दी दफ्तर जाना और रात को देरी से घर लौटने पर कभी उन्होंने कभी कुछ नहीं कहां, मेरे काम में उन्होंने कॉपरेट किया। -- टीम अद्वितीय इसलिए बहुत कुछ किया रोड नेटवर्क, गरीबों के आशियाने बनाने जैसे काम तेजी से कैसे पूरा करने के सवाल पर मेहता बोले कि यूआईटी की टीम अद्वितीय है इसलिए बहुत काम काम तेजी से किया। वे कहते है कि हर इंसान में बुराई बाद में आती है, मूल रूप से अच्छाई ही होती है। उन्होंने कहा कि गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया और यूआईटी चेयरमैन रवीन्द्र श्रीमाली ने बहुत सहयोग किया, श्रीमाली की पॉजीटिव सोच से यूआईटी के कार्योँ में और भी गति आईं।

रोड नेटवर्क ने ऊर्जा बढ़ाई लोगों की

मेहता से रोड नेटवर्क पर इतना काम करने का मकसद जाना तो बोले कि रोड नेटवर्क शहर की इकॉनोमी का केन्द्र होती है। शहरवासियों को 20 से 30 मिनट तक किसी जगह जाने के पहले लगते थे और अब अगर वह समय पूरा आधा हो गया है तो यह उनके लिए ही फायदा है। उनकी ऊर्जा बढ़ जाएगी, ऑफिस जाएंगे तो बेहतर मूड में काम करेंगे, अच्छे परिणमा आएंगे, थकान नहीं होगी। -- अच्छा करोंगे तो बुरा कौन करेगा अब तक 29 वर्ष की राजकीय सेवा कर चुके मेहता कहते है कि अधिकारी व कर्मचारी अगर ठान ले जनता की सेवा ईमानदारी व मेहनत के साथ करनी है तो आप कभी पीछे मुड़कर नहीं देखेंगे, आप आगे ही बढ़ेंगे। मेहता ने कहा कि आप अच्छा करेांगे तो आपका बूरा कोई नहीं कर सकता है। -- उदयपुरराइट्स को मैसेज मेहता ने कहा कि हर तरफ नजर रखे, ये शहर आपका है, चौकन्नी आंख रखे, कामकाज व कार्यशैली पर भी निगरानी रखे।

घर हो या गाड़ी सब जगह काम

मेहता की धर्मपत्नी युगेन्द्र बाला कहती है कि ये सुबह फतहसागर का राउण्ड लगाने के साथ ही 9 बजे पहले ही ऑफिस पहुंच जाते है और रात को भी देर तक काम निपटाते है। वे कहती है कि घर में भी एक कमरें में दफ्तर चला रखा है और जब गाड़ी में चलते है तब भी दफ्तर की तरह ही फाइले निस्तारित करते है। उल्लेखनीय है कि मेहता का तीन दिन पहले ही यूआईटी सचिव के पद से जयपुर में अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रथम के पद पर स्थानांतरण हुआ है। -- गृहमंत्री : दो पसलिया वाले अफसर में दम है गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया भी समय-समय पर कई बार कह चुके है कि दो पसलियों वाले इस यूआईटी सचिव मेहता में दम है। आते ही मेहता ने रोड नेटवर्क, अतिक्रमण, आशियाने पर जिस रफ्तार से काम किया वह बताता है कि दम है इस अफसर में।

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Published on:
27 Jul 2018 12:36 pm
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