4 सितंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

साहित्यिक चोरी से बचें : सराफ

‘सामाजिक विज्ञान शोधार्थियों के लिए इलेक्ट्रनिक रिसोर्स की उपयोगिता के शोध मूल्यों’ विषयक कार्यशाला
less than 1 minute read
Google source verification
refrain-from-literary-theft-saraf

साहित्यिक चोरी से बचें : सराफ

उदयपुर. मोहनलाल सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय के ग्रन्थालय सूचना विज्ञान विभाग एवं सामाजिक विज्ञान एवं मानविकी महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में त्रिदिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला ‘सामाजिक विज्ञान शोधार्थियों के लिए इलेक्ट्रनिक रिसोर्स की उपयोगिता के शोध मूल्यों’ विषयक आयोजित की गई।

उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि बनारस हिन्दू विवि के डॉ. संजीव सराफ ने कहा कि हमें साहित्यिक चोरी से बचना चाहिए ताकि हमारे शोध में वस्तुपरकता रहे और शोध की गुणवता में कोई समझौता नहीं हो। वह देश के लिए उपयोगी साबित हो। अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. जे.पी. शर्मा ने कहा कि मूल्य हमारे अन्दर होते हैं। आप जो कर रहे हैं, उसे हजारों आंखें देख रही हैं। हमारे जमाने में हमारे शिक्षक ही विश्वकोश होते थे परन्तु आज गूगल गुरु हो गया है। शोध का विषय रुचि का होना चाहिए ताकि सफलता मिल सके और नए-नए मापदण्ड स्थापित होते हैं।

प्रो. जिनेन्द्र जैन ने स्वागत भाषण में शोध में वैज्ञानिकता की चर्चा की। संयोजक डॉ. पी. एस. राजपूत ने कार्यशाला क बारे में विस्तार से प्रकाश डाला। संचालन डॉ. अनूया वर्मा ने किया तथा आभार भारतीय सामाजिक विज्ञान शोध परिषद् के डॉ. महावीर सिंह ने माना। इस अवसर पर प्रो. सी.आर.सुथार, प्रो. एल.एन.वर्मा, डॉ. यू के. अग्रवाल, डॉ. देवेन्द्र सिंह राठौड., डॉ. नेहा पालीवाल, डॉ. ज्योतिबाबू जैन आदि उपस्थित रहे।