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उदयपुर के आरएनटी मेडिकल कॉलेज में रेजीडेंट अध्यक्ष पद एक बार फिर से डॉ. बाबूलाल जाट के हाथों में

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उदयपुर के आरएनटी मेडिकल कॉलेज में रेजीडेंट अध्यक्ष पद एक बार फिर से डॉ. बाबूलाल जाट के हाथों में

डॉ. सुशील स‍िंह चौहान/ उदयपुर. रवींद्रनाथ टैगोर राजकीय मेडिकल कॉलेज में रेजीडेंट अध्यक्ष पद एक बार फिर से डॉ. बाबूलाल जाट के हाथों में आ गया है। लिंगदोह कमेटी के तहत हुए चुनाव की मतगणना तिथि से पहले स्थानीय अदालत ने मूल वाद के निस्तारण होने तक अग्रिम कार्रवाई नहीं करने के आदेश दिए। इससे पहले जनरल बॉडी मीटिंग में गहराए विवाद के बाद महाविद्यालय प्रशासन ने तत्कालीन अध्यक्ष डॉ. जाट को अध्यक्ष स्वीकार नहीं करते हुए 30 अगस्त को लिंगदोह कमेटी के तहत चुनाव प्रक्रिया पूरी कराई थी। इसकी हाल ही में तय कार्यक्रम के तहत मतगणना होनी थी। अदालत ने स्थगन आदेश के साथ ही मसौदा नहीं निपटने तक अग्रिम कार्रवाई तक रोक लगा दी है। साथ ही अध्यक्ष के तौर पर डॉ. जाट उनके दायित्व अदा करने के आदेश दिए। अदालती आदेश के साथ डॉ. जाट एवं अन्य रेजिडेंट्स ने बुधवार को मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. डीपीसिंह से भी भेंट की। गौरतलब है कि मेडिकल कॉलेज की ओर से लिंगदोह कमेटी के तहत हुए चुनाव को लेकर डॉ. जाट, डॉ. दीपाराम पटेल एवं डॉ. मुकेश खेदर ने अदालत में स्थगन के लिए अपील दायर की थी। मामले में अदालत ने 6 सितम्बर को स्थगन आदेश जारी किए।
विवादित रही सीट

रेजिडेंट अध्यक्ष डॉ. सावरमल जाट के अध्यक्ष पद छोडऩे के बाद से रेजिडेंट यूनियन में दो फाड़ की स्थिति बन गई थी। निर्वतमान अध्यक्ष डॉ. राजवीरसिंह की ओर से 24 जून 2017 को अध्यक्ष पद की घोषणा की गई, लेकिन जीबीएम में एक पक्ष के विरोध पर नया समझौता हुआ। इसमें 30 अगस्त को लिंगदोह कमेटी की निर्धारित उम्र से अधिक डॉ. दीपाराम पटेल को नया अध्यक्ष घोषित किया गया। डॉ. दीपा 15 नवम्बर 2017 तक अध्यक्ष पद पर रहे। बाद में डॉ. राजवीर ने अब तक अध्यक्ष पद का दारोमदार संभाला।

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यूं हुआ था विवाद

बीते 30 अगस्त 2018 को अध्यक्ष पद की समाप्ति अवधि से पहले हुई जीबीएम में द्वितीय वर्ष के रेजिडेंट ने चुनाव लडऩे की मंशा जताई। जीबीएम ने मामले डॉ. जाट को अध्यक्ष घोषित किया। इसके बाद संबंधित पीडि़त रेजिडेंट के साथ एक गुट ने मामले में महाविद्यालय प्रशासन से लिंगदोह कमेटी के तहत चुनाव कराने की मंशा जताई। इस पर प्रत्याशी भानुप्रतापसिंह, संजीव चौधरी एवं हरिओम बैरवा ने बतौर प्रत्याशी भाग्य आजमाया।