
सूचना के अधिकार की जमकर हो रही है फजीहत
उदयपुर/ घासा. सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 को लेकर स्थानीय ग्राम पंचायत प्रशासन जरा भी गंभीर नहीं है। इसकी एक बानगी हाल ही में सामने आई है। विधिवत आवेदन के बावजूद स्थानीय ग्राम पंचायत की ओर से आवेदक को जानकारी देने के नाम पर गुमराह किया जा रहा है। इससे पहले घासा निवासी आवेदक रूपलाल डांगी पुत्र डालचंद डांगी ने विकास अधिकारी मावली को रजिस्टर्ड डाक से भेजे गए आवेदन में ग्राम पंचायत क्षेत्र में 2015 से 2019 के बीच विधायक एवं पंचायत से कराए गए कामों का खाका मांगा था। 21 अगस्त को भेजी गई रजिस्टर्ड डाक के जवाब में विकास अधिकारी ने संबंधित ग्राम पंचायत को सूचना देने की जानकारी दी थी। 28 अगस्त को भेजे गए पत्र के जवाब में आवेदक को आज तक भी कोई जानकारी नहीं उपलब्ध कराई गई है। उलटा जानकारी के नाम पर जिम्मेदार टालमटोल कर रहे हैं। इधर, मानसिक क्षति का कारण बताते हुए आवेदक ने 181 पर भी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।
गोमती नदी से मिला शव
सेमारी. थाना क्षेत्र स्थित रठौड़ा गांव होकर गुजरती गोमती नदी के केचमेंट क्षेत्र में पुल के समीप मिले अज्ञात शव की एक दिन बाद गुरुवार को शिनाख्त हो गई। गरड़ा नई बस्ती थाना दोवड़ा जिला डूंगरपुर निवासी लीला देवी मीणा भाई धूला ने शव की शिनाख्त रमेश पुत्र कालिया मीणा के तौर पर की। उसने मृतक को उसका पति बताते हुए रमेश की हत्या की आशंका जताई। उसने मामले में पुलिस अधिकारियों के समक्ष मामले की जांच की मांग की। सेमारी थाना प्रभारी श्यामसिंह चारण ने बताया कि ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने शव की बरामदगी की। शिनाख्तगी के अभाव में शव को बुधवार को महाराणा भूपाल राजकीय चिकित्सालय के मुर्दाघर में रखवाया गया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा।
Published on:
01 Nov 2019 06:00 am
