
school reopen
उदयपुर. राजस्थान सरकार ने 1 सितंबर से 9वीं से 12वीं तक के स्कूल खोलने का निर्णय लिया है। इसी के साथ कॉलेज और कोचिंग संस्थान भी खुल जाएंगे। फिलहाल कक्षा 9 से लेकर 12वीं तक के सभी स्कूल 50 प्रतिशत क्षमता के साथ खुलेंगे। वहीं, कोविड गाइडलाइंस की पूरी पालना की जाएगी। स्कूल खुलने के संबंध में उदयपुर में अभिभावकों व विद्यार्थियों से जब बात की गई तो उनकी प्रतिक्रिया मिलीजुली रही। कुछ ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर का खतरा देखते हुए वैक्सीनेशन के बाद ही स्कूल खोले जाने चाहिए, वहीं कुछ ने कहा कि स्कूल खोलने से पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। भले ही बच्चे रोटेशन में जाएं लेकिन स्कूल खोलना सही है।
पहले वैक्सीनेशन तो हो बच्चों का
बच्चों के वैक्सीनेशन अब तक नहीं हुआ है और कोरोना की तीसरी लहर का खतरा भी मंडरा रहा है। विशेषज्ञ बोल चुके हैं कि कोरोना की तीसरी लहर आएगी तो ऐसे में स्कूल किसलिए खोले जा रहे हैं। जब तक बच्चों का वैक्सीनेशन ना हो जाए, तब तक मेरे नजरिये में स्कूल खोलना उचित नहीं है।
- दुर्गा सोनी, अभिभावक
सरकार का सही निर्णय
स्कूल खोलने का निर्णय जो राज्य सरकार ने लिया है, वह सही है। विद्यार्थी जो बड़ी कक्षाओं में हैं, उन्हें भविष्य के लिए अच्छी तैयारी कराने की जरूरत है। स्कूल खुलने से पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। ऑनलाइन क्लास को विद्यार्थी इतनी गंभीरता से नहीं लेते हैं जबकि स्कूल में टीचर सामने होने पर ढंग से पढ़ते हैं और पढ़ाई की निरंतरता भी रहती है। - पिंकी जैन, अभिभावक
स्कूल खुलने का था इंतजार
इस साल बोर्ड परीक्षा है और स्कूल में जाकर जितना सीखा जा सकता है, उतना ऑनलाइन क्लासेस में नहीं। मैं स्कूल खुलने का इंतजार कर रही थी। कोरोना गाइडलाइंस की पालना के तहत 50 प्रतिशत ही क्षमता के साथ ही विद्यार्थियों को बुलाया जाएगा, ऐसे में सरकार का ये निर्णय सही है।
- सेजल शेखावत, 10 वीं
वैक्सीन के बाद खुले स्कूल जितने भी मॉल्स, रेस्टोरेंट्स, होटल्स व ऑफिसेस खोले गए हैं, वहां लोगों के वैक्सीनेशन हो चुका है। लेकिन, अब तक 18 से कम उम्र के लिए वैक्सीन आई नहीं है। जब कोरोना की दूसरी लहर इतनी खतरनाक थी तो तीसरी लहर के बारे में अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है। मेरा मानना है कि सभी विद्यार्थियों के वैक्सीन के बाद ही स्कूल खोलने चाहिए।
- पार्थ सोनी, 10 वीं
स्कूल में रोटेशन में बुलाने पर हर्ज नहीं
कोरोना का खतरा अभी भी है लेकिन सभी लोग नियमों का पालन करें तो कोरोना को हराना संभव है। स्कूल में कोरोना गाइडलाइंस की पूरी पालना होगी क्योंकि सभी बड़ी क्लास के विद्यार्थी हैं। वहीं, दूसरे राज्यों में भी स्कूल खुल गए हैं तो 50 प्रतिशत के साथ रोटेशन में बुलाने पर कोई हर्ज नहीं है।
नव्या जैन, 9वीं
Published on:
13 Aug 2021 05:59 pm
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