
गलती में किया सुधार, जंगल भूमि में दफनाए मरी हुई भेंड़ों के शव
उदयपुर/ भटेवर. Sheep death पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय परिसर में सोनाड़ी किस्म की 30 भेंड़ों की मौत के मामले में खामी सुधार करते हुए जिम्मेदारों ने खुले में पड़े शवों को सोमवार को दफनाने की कार्रवाई की। पैरासाइट्स की वजह से मरी भेंड़ों के खुले में पड़े होने के बीच अन्य पशुओं में भी इस बीमारी के फैलने की आशंकाएं जन्म ले रही थी। दूसरी ओर परिसर में संचालित शीप परियोजना के तहत शेड में बंधी हुई भेंड़ों के सर्दी से बचाव को लेकर भी ठोस कदम उठाए गए। शेड पर त्रिपाल ढककर उन्हें अनुकूल माहौल देने की पहल यहां हुई। इधर, व्यवस्था खामियों के उजागर होने के बाद प्रशासनिक अमला हरकत में आया और शेष रही खामियों को दूर करने के लिए पूरे दिन प्रयास होते रहे। बता दें कि राजस्थान पत्रिका ने 9 दिसम्बर के अंक में 'दफनाने की बजाय खुले में फेंकी संक्रमण से मरी भेंड़ेंÓ शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर खामियों की ओर महाविद्यालय प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया था।
दूसरी ओर शीप प्रोजेक्ट प्रभारी डॉ. विष्णु कुमार ने बताया कि पहले भी भेंड़ों के शवों को दफनाने की कार्रवाई हुई थी, लेकिन श्वानों के स्तर पर उन्हें बाहर कर दिया गया था। sheep death अबकी बार वैज्ञानिक तरीके से शवों को दफनाया गया है। साथ ही कार्मिकों को विशेष निर्देश दिए गए हैं।
Published on:
10 Dec 2019 06:00 am
