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लोकरंग और शिल्प का अनूठा उत्सव २१ से

दस दिवसीय शिल्पग्राम उत्सव का राज्यपाल करेंगे उद्घाटन 21 राज्यों के ७०० लोक कलाकार और ८०० शिल्पकार निभाएंगे भागीदारी

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लोकरंग और शिल्प का अनूठा उत्सव २१ से

लोकरंग और शिल्प का अनूठा उत्सव २१ से

उदयपुर . shilpgram udaipur ग्राम्य जनजीवन और लोक कलाओं को आमजन के बीच सजीव करने तथा पारम्परिक शिल्प एवं लोक कलाओं के प्रोत्साहन के प्रयोजन से प्रतिवर्ष लगने वाला शिल्पग्राम उत्सव का आगाज २१ दिसम्बर को राज्यपाल कलराज मिश्र करेंगे।

बता दें, इस दौरान उनके साथ राज्य के कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. बीडी कल्ला, सांसद अर्जुनलाल मीणा तथा विधायक व नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया भी उपस्थित रहेंगे।केन्द्र के प्रभारी निदेशक सुधांशु सिंह ने मंगलवार को बताया कि पिछले २९ वर्षों से देश के विभिन्न अंचलों में शिल्प सृजन करने वाले शिल्पकारों की कला का प्रदर्शन तथा कलात्मक उत्पादों को बिना मध्यस्थ के बाजार उपलब्ध करवाने सहित लोक कलाकारों को कला प्रदर्शन का अवसर उपलब्ध करवाने के लिये केन्द्र इस उत्सव का आयोजन करता रहा है।

इसी कड़ी में इस बार भी कई नवाचारों के समायोजन के साथ प्रतिदिन 12.00 बजे हाट बाजार प्रारम्भ होगा। इस दौरान दिनभर मेलार्थी देश के विभिन्न अंचलों की लोक संस्कृति से रूबरू होते खरीदारी और खाने-पीने का आनंद उठा सकेंगे। वहीं, हर शाम 6 बजे मुक्ताकाशी रंगमंच 'कलांगनÓ पर दसों दिन २१ राज्यों के लोक कलाकार धमाकेदार सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे।

गौरतलब है कि उत्सव के पहले दिन यानी 21 दिसम्बर को प्रसिद्ध रंगकर्मी बंसी कौल विशेष कोरियोग्राफ कार्यक्रम पेश करेंगे। पहले दिन 3.00 बजे बाद प्रवेश नि:शुल्कउद्घाटन अवसर पर उत्सव के पहले दिन शनिवार को दोपहर 3.00 बजे बाद शिल्पग्राम में आमजन के लिये प्रवेश नि:शुल्क होगा।

इस अवसर पर परिवहन विभाग द्वारा शहर से शिल्पग्राम आवागमन के लिये विभिन्न रूटों पर परमिट जारी किए गए हैं।

रहेगा एकतरफा यातायात

शिल्पग्राम उत्सव के दौरान शिल्पग्राम आने-जाने के लिये एक तरफा यातायात व्यवस्था के तहत चार पहिया वाहन बड़ी छोर से तथा दो पहिया वाहन रानी रोड छोर से प्रवेश कर सकेंगे। केन्द्र द्वारा इस वर्ष पार्र्किंग क्षेत्र का विस्तार किया गया है। एेसे में मेलार्थियों की सुविधा के मद्देनजर करीब 150 वाहन अधिक पार्क किये जा सकेंगे।

ये रहेंगे प्रमुख आकर्षण

शिल्पग्राम उत्सव में भारत के 21 राज्यों के ७०० लोक कलाकार और ८०० शिल्पकार भागीदारी निभाएंगे। इसके लिए पूरे परिसर को पारम्परिक परिवेश में सजाया गया है। वहीं, मुक्ताकाशी रंगमंच को पुरा महत्व के अहाते का स्वरूप दिया गया है। शिल्प कलाओं में इस बार आदिवासी क्षेत्रों की शिल्प कलाओं पर केन्द्रित हाट बाजार में विशेषकर पूर्वोत्तर भारत के राज्यों की शिल्प कलाएं प्रमुख होंगी। उत्सव में पहली बार बैलगाड़ी को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा विभिन्न बैंकों के माध्यम से सुव्यवस्थित टिकिट विक्रय सुविधा, शिल्पग्राम परिसर को 'नो प्लास्टिक जोनÓ घोषित किये जाने से उत्सव के दौरान प्लास्टिक/पॉलीथीन थैलियां वर्जित रहेंगी। इसके अलावा शिल्पग्राम को 'धूम्रपान मुक्त क्षेत्रÓ बनाया गया है। जहां स्वच्छता पर विशेष फोकस खास आकर्षण रहेंगे।

डॉ. कोमल कोठारी लाइफ टाइम अचीवमेन्ट पुरस्कार

लोककला, भारतीय शास्त्रीय संगीत तथा बाल साहित्य के अलावा मध्य गुजराती साहित्य और आदिवासी साहित्य के संपादन और शोध जैसे उल्लेखनीय योगदान के लिए इस वर्ष का कोमल कोठारी स्मृति लाइफ टाइम अचीवमेन्ट अवार्ड अहमदाबाद के हंसुमख राय व्रजलाल याज्ञिक को उद्घाटन अवसर पर प्रदान किया जाएगा। बता दें, इस अवसर पर राज्यपाल उन्हें पुरस्कार स्वरूप दो लाख इक्यावन हजार का चैक, प्रशस्ति रजत पट्टिका एवं शॉल भेंट करेंगे।


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