
VIDEO : शिल्पग्राम के शरद रंग : सुहाने सर्द मौसम में नज्मों, शायरियों, गजलों और रूबाइयों ने छोड़ा असर...
राकेश शर्मा राजदीप/उदयपुर. झीलों की नगरी में रविवार को देश के कोने-कोने से आए नामचीन शायरों की नज्में, शायरी, गजलें और रूबाइयां शहरवासियों के दिलों में गहरे तक असर छोड़ गईं। सुहाने मौसम की सर्द शाम शुरू हुए मुशायरे में मुक्त आत्म अभिव्यक्ति में शायरों के पढ़े कलाम से गहराती रात के साथ महफिल और जवान होती चली गई। पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र और राजस्थान उर्दू अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में शिल्पग्राम में रविवार को आयोजित अखिल भारतीय मुशायरे का आगाज डॉ. नसीम निकहत के दिलकश शेरों से हुआ। इसके बाद जयपुर के लोकेश सिंह 'साहिल’ मोईन शादाब और डॉ. इकबाल सागर की शायरी ने असर छोड़ पैदा कर दाद पाईं। मुशायरे की जान बने मुंबई के ख्यात शायर और गीतकार शकील आजमी ने 'कल के अखबार में तस्वीर छपी थी उसकी दिन पुराना हुआ अखबार नया लगता है..’ सुनाकर वाहवाही लूटी। इनके साथ लखनऊ उर्दू अकादमी के डॉ. नवाज देवबंदी, देहरादून से आई डॉ. आरती, सबा बलरामपुरी, अखिलेश तिवारी के अलावा आबिद अदीब और शाहिद अजीज ने भी अपनी नज्में पेश की। दिनभर लुभाती है लोक कला प्रस्तुतियां शिल्पग्राम परिसर में बंजारा मंच सहित कलांगन में यत्र-तत्र संचालित अनेक लोक कलाकारों की मोहक प्रस्तुतियां मेलार्थियों को खासी लुभा रही है। ऐसे में एक ओर जहां वे उनकी लोक कलाओं की प्रस्तुतियों का आनंद उठाते हैं वहीं दूसरी ओर मोबाइल कैमरों में फोटो-वीडियो और सेल्फियों के माध्यम से स्मृतियां भी संजोते नजर आते हैं। इतना ही नहीं कलांगन में जगह-जगह बिखरा ग्रामीण परिवेश और प्रस्तर शिल्पाकृतियां भी भ्रमणार्थियों को लुभा रहे हैं। जायकों से महक रहा कलांगन शरद रंगोत्सव में विभिन्न राज्यों के आए रसोइए 'एक्जॉटिक फूड’ के जरिए कलांगन को कुछ इस कदर महका रहे हैं कि जायकों के शौकीन अपने परिजनों व मित्रों संग समूहों में खिंचे आ रहे हैं।
अमृतसर से लेकसिटी घूमने आए अमनदीप को परिवार संग मेले में अमृतसरी छोला-कुलछा खाकर आनंद आया तो चैन्नई के मुत्तूस्वामी ने दोस्तों संग राजस्थानी दाल-बाटी का स्वाद चखा। वहीं, मेले में हैदराबाद से आए करीम अहमदी ने वाहिद की बिरयानी खाकर अलग लज्जत महसूस की। इधर, स्थानीय पर्यटकों की भीड़ ऑर्गेनिक फूड स्टॉल पर सोहन औदिच्य के बनाए देसी वनोपज रागी की खीर, लड्डू, हलवा और राब का लुत्फ उठाते नजर आई। शरद रंग में आज 'नाद त्रयी’ पांच दिवसीय शरद रंग में शनिवार शाम जयपुर के नाहर बंधुओं की 'नाद त्रयी’ में तीन वाद्य यंत्रों का अनूठा समागम और युग्म देखने व सुनने को मिलेगा। इसके अलावा नई दिल्ली के कलाकार संतोष नायर के निर्देशन में 'गेम ऑफ डाइस’ बैले नाटिका प्रस्तुत करेंगे।
Published on:
17 Nov 2018 05:29 pm
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