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उदयपुर : नया सिम लेने से पहले जांचे, कहीं आपके नाम पहले तो नहीं चल रहे 9 नम्बर

नया सिम लेने से पहले मोबाइल उपभोक्ताओं को अपने नाम पर जारी कनेक्शनों की जांच करनी चाहिए, क्योंकि एक व्यक्ति के नाम पर अधिकतम 9 मोबाइल नंबर की सीमा को लेकर व्यवस्था सख्त की गई है। संचार साथी के जरिए अनजान या फर्जी नंबरों की जानकारी लेकर उनकी रिपोर्ट की जा सकती है, जिससे पहचान के दुरुपयोग और साइबर ठगी का जोखिम कम होगा।
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सांकेतिक फोटो

सांकेतिक फोटो

उदयपुर. नया मोबाइल सिम खरीदने की सोच रहे हैं तो पहले अपने नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शनों की संख्या जांच लें। सोमवार से दूरसंचार विभाग की ओर से एक व्यक्ति के नाम पर अधिकतम 9 मोबाइल कनेक्शनों की निर्धारित सीमा को लेकर सख्त व्यवस्था लागू कर दी है। निर्धारित सीमा तक पहुंच चुके व्यक्ति को नया कनेक्शन जारी नहीं किया जाएगा। अतिरिक्त कनेक्शन होने की स्थिति में कार्रवाई भी हो सकती है।

मोबाइल उपभोक्ताओं के लिए अहम बात यह है कि उनके नाम पर कोई ऐसा नंबर सक्रिय तो नहीं है, जिसके बारे में उन्हें जानकारी ही नहीं। दूरसंचार विभाग के संचार साथी प्लेटफॉर्म से उपभोक्ता अपने नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शनों की जानकारी देख सकते हैं। संदिग्ध या अनावश्यक कनेक्शन मिलने पर उन्हें रिपोर्ट करने और आवश्यक कार्रवाई का विकल्प भी उपलब्ध है। हालांकि, नौ सिम की सीमा नई नहीं है। यह सीमा पहले से लागू थी, लेकिन सोमवार से इसकी अनुपालन और नए कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया को और सख्त किया गया है। टेलीकॉम कंपनियों को ऐसे ग्राहकों की पहचान करके नया कनेक्शन रोकने और निर्धारित समय में रियल टाइम जांच व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ने के निर्देश दिए गए हैं।

उपभोक्ता ऐसे करें जांच

- संचार साथी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या ऐप इंस्टॉल करें।

- अपने नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शन जांचने वाली सेवा चुनें।

- अपना मोबाइल नंबर दर्ज कर ओटीपी से सत्यापन करें।

- स्क्रीन पर उपलब्ध जानकारी में अपने नाम से जुड़े कनेक्शनों की जांच करें।

- अनजान नम्बर दिखे तो रिपोर्ट करें और उसे बंद कराने की प्रक्रिया अपनाएं।

नजरअंदाज करना लापरवाही

मोबाइल नंबर से बैंकिंग, ओटीपी, डिजिटल भुगतान, सोशल मीडिया और ऑनलाइन सेवाओं में इस्तेमाल होता है। पहचान पत्र या केवाईसी के दुरुपयोग से किसी के नाम पर अनधिकृत मोबाइल कनेक्शन सक्रिय होने की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। फर्जी कनेक्शनों की पहचान के लिए संचार साथी व्यवस्था शुरू की गई थी।

साइबर ठगी रोकने में मददगार

दूरसंचार विभाग के अनुसार संचार साथी के जरिए कोई भी व्यक्ति अपने नाम पर फर्जी तरीके से दर्ज कनेक्शनों की जानकारी लेकर उनकी रिपोर्ट कर सकते हैं। यह व्यवस्था पहचान के दुरुपयोग और फर्जी मोबाइल कनेक्शन के इस्तेमाल से जुड़े जोखिमों को कम करने के उद्देश्य से तैयार की गई है, जो साइबर ठगी रोकने की दिशा में अहम है।

इनका कहना है...

मोबाइल कनेक्शन अब सिर्फ बातचीत का माध्यम नहीं, बल्कि बैंकिंग, ओटीपी, डिजिटल भुगतान और सोशल मीडिया जैसी कई सेवाओं से जुड़ा है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को समय-समय पर यह जांचना चाहिए कि उसके नाम पर कितने मोबाइल नंबर सक्रिय हैं। यदि कोई अनजान कनेक्शन दिखाई दे तो तत्काल रिपोर्ट कर बंद कराने की प्रक्रिया अपनानी चाहिए। अपने नाम पर जारी अनधिकृत सिम को नजरअंदाज करना पहचान और साइबर सुरक्षा दोनों के लिहाज से जोखिम भरा हो सकता है।

श्यामसिंह रत्नू, डीएसपी, साइबर थाना