26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

स्मार्ट इंडिया हैकाथोन 2018 : मोबाइल पर सुनाई दे रेलवे की उद्घोषणा के आइड‍िया ने जीता पुरस्‍कार

300 छात्रों के सामने रेलवे ने रखी 9 समस्याएं

2 min read
Google source verification
smart hackathon

उदयपुर . बड़े-बड़े रेलवे स्टेशनों पर यात्री अपनी ट्रेन की उद्घोषणा के लिए कान लगाए रखते हैं लेकिन स्टेशन पर शोर की वजह से कुछ सुनाई नहीं देता और कभी-कभार ऐसी स्थिति में ट्रेन निकल जाती है। यात्रियों को उद्घोषणा स्पष्ट सुनाई दे, इसके लिए उनके मोबाइल व रेडियो से उद्घोषणों को कनेक्ट कर दिया जाए। यह बड़ा सुझाव रविवार को टेक्नो इंडिया एनजेआर में स्मार्ट इंडिया हैकाथोन 2018 के समापन समारोह में बेंगलूरु की टीम ने सुझाया।

प्रथम पुरस्कार एक लाख रुपए का केएसआईटी बेंगलूरु की टीम इलेक्ट्रिक शीप को दिया गया।
द्वितीय पुरस्कार 75,000 रुपए आईआईटी धनबाद की टीम जनमित्र को और तृतीय पुरस्कार 50,000 रुपए वीजेटीआई मुंबई की टीम को मिला। समारोह में मुख्य अतिथि एआईसीटीई के सदस्य सचिव प्रो. आलोक प्रकाश मित्तल, रेलवे मंत्रालय के डायरेक्टर राजीव गुप्ता, आईबीएम के ललित याग्निक एवं टेक्नो एनजेआर के निदेशक आर.एस. व्यास ने विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए। देश के 28 केन्द्रों में से उदयपुर के टेक्नो एनजेआर को रेलवे की समस्या के समाधान के लिए चुना गया। देश के 300 छात्रों ने 36 घंटे काम कर रेलवे की समस्याओं का डिजिटल समाधान निकाला। ये छात्र मुंबई, दिल्ली, गोवा, बेंगलूरु, पुणे, चेन्नई, सांगली, वड़ोदरा, सूरत, जयपुर एवं अन्य स्थानों से इस आयोजन में भाग लेने के लिए उदयपुर आए हुए। रेलवे ने इन इंजीनियरिंग एवं तकनीकी छात्रों को रेलवे मंत्रालय नौ समस्याएं दी।


रेलवे ने ये 9 सवाल के समाधान मांगे
- शोर के कारण स्टेशन पर उद्घोषणा नहीं सुन पाना
- यात्रियों की समस्या एवं फीडबैक अधिकारी तक नहीं पहुंचते
- रेलवे स्टेशन को साफ रखने में यात्रियों की सहभागिता
- रेलवे कर्मचारियों के लिए बने रेस्ट हाउस एवं हॉलि-डे होम की ऑनलाइन बुकिंग
- यात्री सुरक्षा बढ़ाने के डिजिटल रास्ते मजबूत करने
- रेलवे टेलीकम्युनिकेशन को सुद्रढ़ रखने के उपाय
- रेलवे कोच के रख रखाव के लिए उपयुक्त तकनीक
- पटरियों के बीच गंदगी उठाने के लिए ड्रोन का उपयोग
- इंजन में डीजल की खपत को नियंत्रित करने का डिजिटल समाधान

READ MORE : अब वृद्धजन नीति में होगा ये बदलाव, समीक्षा बैठक में महसूस की जरूरत

रेलवे की समस्याओं के ऐसे निकाले समाधान
समस्या : प्लेटफॉर्म पर शोर तो उद्घोषणा सुनाई नहीं देती
समाधान : टीम इलेक्ट्रिक शीप ने माइक के स्थान पर एफएम रेडियो फिक्वेंसी पर घोषणा करने का एक उपाय सुझाया है, जिससे यात्री प्लेटफॉर्म पर लगे स्पीकर के अलावा उद्घोषणा अपने मोबाइल एवं रेडियो पर भी सुन सकते हैं।
परिणाम : प्रथम विजेता
समस्या : रेलवे में आने वाले फीडबैक का समाधान कैसे हो?
समाधान : आईआईटी धनबाद की जनमित्र टीम ने तकनीकी हल दिया कि रेलवे को लिखित, ईमेल, फेसबुक, ट्विटर व अन्य सोशल मीडिया से फीडबैक मिलता। फीडबैक की संख्या बहुत ज्यादा होती है, ऐसे में मशीन लर्निंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा सारे फीडबैक का वर्गीकरण कर उन्हें उचित स्थान पर पहुंचाएगा।
परिणाम : द्वितीय विजेता
समस्या : नहीं बंद होगा रेलवे टेलीकम्युनिकेशंस सिस्टम
समाधान : वीजेटीआई मुंबई की टीम रेंजर्स ने टेलीकम्युनिकेशंस रेलवे नेटवर्क को कम डाउनटाइम सुरक्षित व प्रभावी बनाने का तकनीकी हल दिया, डाउनटाइम के वास्तविक समय का सही अनुमान इस टीम ने मशीन लर्निंग की मदद से किया।
परिणाम : तृतीय विजेता

बड़ी खबरें

View All

उदयपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग