
Sohrabuddin-Tulsi Encounter Case : कोर्ट में डिब्बा खोला तो निकली चार गोलियां, पहले बताई थी दो
मो. इलियास /उदयपुर. सोहराबुद्दीन-तुलसी एनकाउंटर केस में बरी हो चुके आईपीएस दिनेश एमएन, राजकुमार पंडयन, डीजी बंजारा सहित पांच जनों की एप्लीकेशन पर हाइकोर्ट में 4 जुलाई से डे-टू-डे सुनवाई होगी।
हाइकोर्ट ने आइपीएस विपुल अग्रवाल की डिस्चार्ज एप्लीकेशन को भी इन्हीं के साथ सुनने का आदेश दिया, ऐसे में संभावनाएं बढ़ गई है कि आरोपी पक्ष की बची हुई सात याचिकाओं को भी इनके क्लब कर एक साथ सुनवाई की जाए।
सेशन कोर्ट ने वर्ष 2016-17 के बीच तीनों आईपीएस व गुजरात के डीएसपी नरेन्द्र अमीन तथा कांस्टेबल दलपत सिंह को अलग-अलग तारीखों में बरी करने के आदेश दिए थे। इस पर सोहराबुद्दीन के भाई रूबाबुद्दीन ने तीनों आईपीएस के बीर करने के फैसले के खिलाफ हाइकोर्ट में अपील की थी, वहीं नरेन्द्र अमीन व दलपतसिंह के डिस्चार्ज ऑर्डर के खिलाफ सीबीआई में अपील की थी। हाइकोर्ट अब इन याचिकाओं पर 4 जुलाई से सुनवाई करेगा।
हाइकोर्ट में अपील चल रही लंबित
गुजरात के आइपीएस विपुल अग्रवाल को बरी करने की याचिका को सेशन कोर्ट ने खारिज कर दिया था। गत दिनों हाइकोर्ट ने अग्रवाल की एप्लीकेशन को भी बरी हो चुके आरोपियों से संबंधित एप्लीकेशन के साथ सुनने का आदेश दिया था। इनके अलावा गुजरात के डीएसपी आर के पटेल, नरेश चौहान, कांस्टेबल अजय परमार, संतराम, राजस्थान के सीआई अब्दुल रहमान, एसआई हिमांशु सिंह, श्यामसिंह की डिस्चार्ज एप्लीकेशन को सेशन कोर्ट खारिज कर चुकी है। इन सभी ने हाइकोर्ट में इस आदेश के खिलाफ अपील की है जो अभी लंबित है।
कार से भिड़ी रोडवेज, जुर्माना देकर पीछा छुड़ाया
कानोड़. कस्बे के बस स्टैण्ड स्थित चौराहे पर पार्र्किंग में खड़ी कार को छूकर गुजरी रोडवेज बस चालक के लिए यह लापरवाही उस समय मुसीबत बन गई, जब कार चालक ने मौके पर हंगामा खड़ा कर दिया। बाद में रोडवेज चालक ने कार में हुए नुकसान का जुर्माना चुकाकर मामला रफा-दफा किया। हुआ यूं कि दोपहर करीब ढाई बजे उदयपुर वाया प्रतापगढ़- मंदसौर जा रही रोडवेज बस चालक का कस्बे के चौराहे पर नियंत्रण बिगड़ गया और बस पार्र्किंग में खड़ी कार से जा टकराई। कार में नुकसान देख कार चालक ने बस को मौके पर ही रूकवा ली और जमकर हंगामा किया। काफी देर तक विवाद के बाद बस चालक ने कार में हुए नुकसान की भरपाई देने के लिए हामी भरी। तब जाकर मामला शांत हुआ। आरोप है कि रोडवेज बस का संचालन मूल चालक की बजाए एवजी पर रखा हुआ चालक कर रहा था। मामले में बस यात्रियों ने राजस्थान पथ परिवहन निगम के अधिकारियों से एवजी चालकों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
Published on:
02 Jul 2018 05:08 pm
