
Sohrabuddin-Tulsi Encounter : गवाहों नेे कहा, अंग्रेजी में लिखे कुछ कागजों पर हस्ताक्षर करवाए और रिपोर्ट भी पढकऱ नहीं सुनाई
मो. इलियास /उदयपुर . सोहराबुद्दीन-तुलसी एनकाउंटर मामले में गुरुवार को मुंबई की स्पेशल कोर्ट में तुलसी के साथी शराफत उर्फ कालू के बयान हुए। उसने बताया कि वह वर्ष 2004 में नीमच जेल से ले जाते समय एक बार पुलिस कस्टडी से फरार हुआ था। दो वर्ष बाद पकड़ में आने पर उसे जेल भेज दिया था। जेल में उसकी सिल्वेस्टर, आजम, रफीक के साथ ही तुलसी से जान-पहचान हुई थी। तुलसी अक्सर जेल में मुझसे भागने की कहानी, हथकड़ी खोलने के तरीके व गार्ड के व्यवहार के बारे में पूछा करता था। इसके बाद मुझे भैरूगढ़ उज्जैन जेल में स्थानांतरित कर दिया गया। उसने बयान में बताया कि सीबीआई ने मुझे पूछताछ के लिए 8-10 बार बुलाया था। एक अधिकारी उसे मुंबई भी लेकर गया था, जहां पर अधिकारियों ने धमकाते हुए कहा था कि वह मुझे तुलसी के लिए व्यापारियों से उगाही करने वाला साथी बताकर गिरफ्तार कर लेंगे। गिरफ्तारी से बचना है तो दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने होंगे। गिरफ्तारी से बचने के लिए मैंने दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए। उनमें क्या लिखा था, यह मुझे नहीं बताया गया। सीबीआई ने शराफत के बयानों के बाद उसे पक्षद्रोही घोषित किया।
सीआई ने खुद की पैरवी
कोर्ट में अधिवक्ता वहाब खां की अनुपस्थिति में आरोपी पक्ष के सीआई अब्दुल रहमान ने खुद जिरह की। गवाह से क्रॉस क्वेश्चन भी किए। इस पर शराफत ने कोर्ट को बताया कि वह सूरजपोल थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ चोरी, नकबजनी, लूट, डकैती, जानलेवा हमला, हत्या, आम्र्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट के तहत कई मामलों में चालान हो चुके हैं। शराफत ने बताया कि जेल में तुलसी काफी खर्चा करता था और बॉस की तरह रहता था। इसके चलते वह उसके लिए पानी भरने सहित अन्य निजी काम करता था। सीबीआई ने मुझसे पूछताछ तो की थी, लेकिन मेरे कोई बयान नहीं लिए, न ही पढकऱ सुनाए।
दो गवाह और पक्षद्रोही
तुलसी के एनकाउंटर के समय मौके पर खड़ी पुलिस जीप के पंचनामे के बयान में महेश अग्रवाल ने बताया कि मेरी अम्बाजी बस स्टैण्ड के पास पान की दुकान है। पुलिस अक्सर कई मामलों में पंचनामा के गवाह के रूप में दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाती है। मैं किसी मौके पर नहीं गया, पुलिस ने मेरी दुकान पर आकर कागजों पर साइन करवाए थे। 11 अपे्रल 2007 को सीआईडी ने जांच के दौरान मौके पर एनकाउंटर सीन रीक्रिएट किया था। इस सीन पांच गवह में सोमा भाई बंजारा ने भी बयानों में बताया कि वह कभी मौके पर नहीं गया। सीबीआई ने दोनों गवाहों को पक्षद्रोही घोषित किया।
Published on:
06 Jul 2018 06:04 pm
बड़ी खबरें
View Allउदयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
