
डॉ सुशील सिंह चौहान / उदयपुर . पन्नाधाय राजकीय महिला चिकित्सालय से शनिवार को नवजात चोरी के आरोपित दम्पती ने बच्चे की चाह में यह वारदात की थी। इसके लिए महिला ने पेट पर बकायदा कपड़ा बांधकर खुद को गर्भवती दिखाते हुए अस्तपाल में रहकर रैकी की। इस कृत्य में पति ने अस्पताल के बाहर रहकर उसका साथ दिया।
हाथीपोल थाना पुलिस रविवार को दम्पती को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने सेमारी निवासी आरोपित महेन्द्र पुत्र शंकरलाल सालवी व उसकी पत्नी मंजू को दो दिन के पुलिस रिमांड पर रखने का आदेश दिया। दोनों आरोपित अस्पताल में भर्ती नतिया ताल, गोगुंदा निवासी गोपली बाई (30) पत्नी गोपाराम का बच्चा चुरा ले गए थे। पुलिस ने बताया कि आरोपित महेन्द्र पेशे से चालक है। गाड़ी चलाने के दौरान ही मंजू से उसकी जान पहचान हो गई।
दोनों शादीशुदा होने के बावजूद परिवार को छोडकऱ भाग गए। दो बच्चों की मां मंजू अपने साथ पांच साल की बच्ची को लेकर आई। महेन्द्र के कोई बच्चा नहीं था, उसने भी पत्नी को छोड़ दिया। साथ रहने के दौरान दोनों बच्चा नहीं होने पर चिकित्सक से मिले। चिकित्सक ने मंजू के पूर्व में दोनों डिलेवरी सिजेरियन होने से जान को खतरा बताया। इस पर बच्चे की चाह में दोनों ने नवजात चोरी की योजना बनाई।
गांव में पेट पर कपड़ा बांध घूमती रही
मंजू ग्रामीणों को दिखाने के लिए दो माह से पेट पर कपड़ा बांधकर घूमती रही। सोमवार को महेन्द्र उसे अपनी कार से लेकर अस्पताल पहुंचा, जहां पर मंजू गर्भवती होने का स्वांग करते हुए पूरे अस्पताल में घूमकर रैकी करती रही। इस बीच उसका पति बाहर ही पार्किंग में खड़ा रहकर नजर रखता रहा। शनिवार को मौका देखकर मंजू गोपली का बच्चा उठा ले गए। बाहर निकलते ही वह पति के साथ कार से गांव चली गई।
मोबाइल नम्बर से आ गई पकड़ में
अस्पताल में अन्य महिलाओं से जान-पहचान के दौरान मंजू ने एक बेड पर भर्ती महिला को अपना मोबाइल नम्बर दे दिया। नम्बर में एक अंक आगे पीछे था, लेकिन संयोगवश पुलिस ने मशक्कत कर सही नम्बर ट्रेस करते हुए आरोपितों तक पहुंच गई। पुलिस ने गांव से ही बच्चे को बरामद कर दोनों को गिरफ्तार किया।
Published on:
07 May 2018 12:45 pm
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