
सूर्य नमस्कार दूर कर सकता है बच्चों का मोटापा कम
उदयपुर. अगर आपके बच्चे भी मोटापे से ग्रस्त है तो चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि बाल चिकित्सकों ने अपने शोध पाया है कि सूर्य नमस्कार और प्राणायाम बच्चों में मोटापे को कम करने में अचूक रामबाण है।
डूंगरपुर के हरिदेव जोशी सामान्य चिकित्सालय में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. गौरव यादव, डॉ. निलेश गोठी और उदयपुर के पेसिफिक विश्वविद्यालय में योग विभागाध्यक्ष डॉ. गुनीत मोंगा ने जानी मानी वैश्विक पत्रिका इंटरनेशनल जर्नल ऑफ कन्टेम्प्ररी पिडियाट्रिक्स में सूर्य नमस्कार और प्राणायाम को बच्चों की सेहत और बच्चों के मोटापे को कम करने के लिए कारगर ठहराया है। तीनों ही विशेषज्ञों ने बताया कि सूर्य नमस्कार और प्राणायाम को बच्चों में ऊर्जा के संग्रह और मोटापे को कम करने के लिए मील का पत्थर साबित होगा। डॉ. गुनीत सूर्य नमस्कार और प्राणायाम विषय पर चाइना और हांगकांग में शोध पत्र प्रस्तुत कर चुकी है।
इन समस्याओं से मिलेगी निजात
चिकित्सकों की टीम ने बताया है कि सूर्य नमस्कार और प्राणायाम बच्चों के लिए लाभदायक है। सूर्य नमस्कार और प्राणायाम बच्चों में बढऩे वाले मोटापे, चर्बी, अस्थमा, हृदय रोग, स्लीप एपनिया के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए बच्चों की शारीरिक क्रिया को बढ़ावा देने में मददगार होते हैं। शोध पत्र में बताया गया है कि सूर्य नमस्कार और प्राणायाम में बचपन के मोटापे के कुशल प्रबंधन का राज छिपा है। करीब 120 बच्चों पर शोध किया गया जिसमें सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
तीनों चिकित्सकों ने 8 जनवरी को प्रकाशित हुए शोध पत्र में बताया है कि बच्चों में मोटापा पूरे विश्व में बड़ी समस्या के रूप में उभरा है और सामाजिक और सामान्य जीवन में चुनौती बन गया है। इसका प्रमुख कारण उपभोग की गई कैलोरी और उपयोग में लाई जा रही कैलोरी के बीच का अंतर है। यह भी बताया गया है कि बच्चे खेल मैदान की बजाय कम्प्यूटर के सामने अधिक समय बिताने लगे है। जंक फूड के कारण कम उम्र में मोटापे के शिकार हो गए है। बच्चों के पेट पर चर्बी बढ़ रही है, लेकिन इसे कम करने के लिए शारीरिक क्रिया कम हो गई है। जंक फूड और चॉकलेट ने शरीर की व्यवस्था को बिगाड़ दिया है।
Published on:
16 Jan 2019 02:23 am
