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बुद्धिमान अतिथियों की नसीहत: इस महाविद्यालय की बालिकाओं को बोला बनो तो मीरा जैसी

प्रतिभाओं का हुआ सम्मान
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udaipur

बुद्धिमान अतिथियों की नसीहत: इस महाविद्यालय की बालिकाओं को बोला बनो तो मीरा जैसी

उदयपुर. राजकीय मीरा कन्या महाविद्यालय में शनिवार को पुरस्कार वितरण समारोह व मिस एमजी प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इसमें विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय के शैक्षणिक, साहित्यिक, सांस्कृतिक, गायन, नृत्य, खेलकूद, महिला प्रकोष्ठ, रेंजरिंग, एनएसएस में सर्वश्रेष्ठ तथा मतदान समिति में एम्बेसेडर आइकन जैसे पुरस्कारों का वितरण हुआ। बतौर अतिथि अतिरिक्त संभागीय आयुक्त टीएडी विनिता बोहरा ने कहा कि शिक्षकोंं और छात्राओं की मेहनत और परिश्रम का ही प्रतिफल है कि आज विविऔर महाविद्यालय की मेरिट लिस्ट में नाम दर्ज कराया है। अध्यक्षता करते हुए केप्टन याशिका त्यागी ने कहा कि मीरा का अर्थ है अपने विचार हिम्मत और इरादों में दृढ़ रहना। मंजिल की ओर दृढ़ता से बढे वह मीरा है। सभी छात्राओं को मीरा बनना है। आपके सामने व्यक्तित्व विकास के लिए बहुत सारी राहें खुली हैं। आवश्यकता है हार्ड और स्मार्ट वर्क कर मंजिल को पाना।
महाविद्यालय की संरक्षक डॉ. ऋतुु मथारु ने कहा कि भविष्य में भी छात्राएं इसी तरह महाविद्यालय का नाम रोशन करेंगी एसी आशा अभिव्यक्त की।
छात्रसंघ परामर्शदाता डॉ. चन्द्रकान्ता बंसल ने कार्यक्रम की परिकल्पना प्रस्तुत करते हुए अतिथियों का स्वागत एवं आभार अभिव्यक्त किया। डॉ. शशि सांचीहर ने महाविद्यालय का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए महाविद्यालय की उपलब्धियां बताई। बसंत पंचमी एवं निराला जयंती भी साथ में मनाई गई। डॉ. इन्द्रा जैन ने छात्राओं को निरालाजी की रचनाओं की प्रासंगिकता बताई। पुरस्कार वितरण के बाद मिस एमजी प्रतियोगिता का आयोजन हुआ।