
सरकार ने किया ग्रामीणों से मजाक
झल्लारा . उपतहसील क्षेत्र में नवगठित लिम्बोदा ग्राम पंचायत के गांवों के ग्रामीण अपनी समस्या के समाधान की मांग को लेकर शनिवार को उपखण्ड कार्यालय पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार नारायणलाल जीनगर को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने ज्ञापन में कहा कि आधा किमी दूर स्थित पंचायत से अलग कर उनके गांव का पंचायत मुख्यालय करीब पांच किमी दूर कर दिया गया है, जो तर्कसंगत नहीं है।
लिम्बोदा, मूलगुड़ा, भोपालपुरा, नया टापरा तथा सकलावतों का गुड़ा के सैकड़ों ग्रामीण उपखण्ड कार्यालय पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने ज्ञापन में बताया कि राज्य सरकार ने पंचायत राज पुनर्गठन में 15 नवम्बर को जारी अधिसूचना में लिम्बोदा को ग्राम पंचायत बनाया। बाद में 1 दिसंबर को संशोधित अधिसूचना जारी कर लिम्बोदा ग्राम पंचायत को तो यथावत रखा, लेकिन इसमें शामिल भोपालपुरा, नया टापरा, सकलावतों का गुडा, मूलगुडा आदि गांवों को पुन: जोधपुर खुर्द पंचायत में शामिल कर दिया गया। ये गांव लिम्बोदा से आधा किमी दूर हैं। ग्रामीणों ने इस बदलाव पर रोष जताते हुए उनके गांव को पुन: लिम्बोदा ग्राम पंचायत में शामिल करने की मांग की।
उल्लेखनीय है कि लिम्बोदा ग्राम पंचायत लसाडिय़ा-झल्लारा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष की गृह पंचायत है लेकिन उनकी पंचायत के ग्रामीण गुहार लगाने के लिए भटक रहे हैं। दूसरी ओर दावा यह किया जा रहा है कि उनकी अनुशंसा पर राज्य सरकार ने लसाडिय़ा में 6 तथा झल्लारा में 7 नई अन्य पंचायतें गठित की हैं।
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ग्रामीणों से ज्ञापन ले लिया है जिसे कलक्टर को भेजे देंगे। मैं अभी फील्ड में हूं, पूर्व में भेजे प्रस्ताव को लेकर ऑफिस से पता करना पड़ेगा।
नारायण लाल जीनगर, तहसीलदार सलूम्बर
Published on:
08 Dec 2019 12:34 am
