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“आस” के मंचन में उभरी अकाल की विभिषिका

कथाकार विजयदान देथा की कहानी आस पर आधारित नाटक का मंचन

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कथाकार विजयदान देथा की कहानी आस पर आधारित नाटक का मंचन

उदयपुर. भारतीय लोक कला मण्डल के मुक्ताकाशी रंगमंच पर राजस्थानी नाट्य समारोह चल रहा है। तीन दिवसीय नाट्य समारोह के दूसरे दिन शनिवार को कथाकार विजयदान देथा की कहानी आस पर आधारित नाटक का मंचन जयपुर के प्रोफेसर कपिल शर्मा के निर्देशन में हुआ। यह समारोह कला, साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग राजस्थान सरकार, राजस्थान संगीत नाटक अकादमी, जोधपुर एवं भारतीय लोक कला मण्डल उदयपुर की ओर से हो रहा है।विजयदान देथा के नाटक आस अमर धन में राजस्थान जैसे सूखे प्रदेश में किसानों की दशा को रेखांकित किया गया है। यह कथा छप्पनिया अकाल से उपजी विकट परिस्थितियों का मार्मिक चित्रण प्रस्तुत करती है। विकट परिस्थितियों में किस तरह मानवीय मूल्य, मानवता, प्रेम सब छिन्न-भिन्न हो जाते हैं। इसका भी सशक्त प्रमाण देती है।

इनकी रही विशेष भूमिका :

नाटक में किसान-अर्जुन देव, नवेली-रिचा पालीवाल, कजरी-अर्पिता निर्बानिया, हरिया-तनु नाथावत, सूत्रधार/लठैत- राहुल कुमावत, सूत्रधार/सेठ-समर्थ शांडिल्य, सूत्रधार/धापूड़ी-लिशिता सोयल, सूत्रधार/लठैत-शुभम सोयल, सूत्रधार/मां/फूला-खुशी सोनी है। प्रकाश परिकल्पना-गगन मिश्रा, संगीत रचना-धीरेन्द्र गोदरा/कपिल शर्मा, पार्श्व संगीत-शैल जोशी, वेशभूषा-लिशिता सोयल, रूप सज्जा-असलम पठान, नृत्य संरचना-अर्पिता निबौनिया, मंच सज्जा- राहुल कुमावत/समर्थ शाडिल्य, खुशी, तनु, शुभम प्रस्तुति नियंत्रक एवं सह निर्देशन- प्रियदर्शिनी मिश्रा, नाट्य रूपांतरणकार- शैल जोशी एवं नाट्य निर्देशक- कपिल शर्मा ने की है। समारोह के अंतिम दिन रविवार को बोल म्हारी मछली ईत्तो पाणी का मंचन शाम 7.30 बजे किया जाएगा।

समस्या और समाधान संगोष्ठी आजराजस्थान संगीत नाटक अकादमी जोधपुर की अध्यक्ष बिनाका जेश ने बताया कि लोक कला मंडल के सहयोग से रविवार सुबह 11 बजे राजस्थानी रंगमंच : समस्या और समाधान विषयक पर राज्य स्तरीय नाट्य संगोष्ठी लोक कला मंडल में होगी।