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इस नई बनी नहर पर छाया है बरसात का ‘कहर

खामियों को लेकर कोई जिम्मेदार नहीं चाहता है बोलना
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udaipur

इस नई बनी नहर पर छाया है बरसात का 'कहर

उदयपुर/ झल्लारा. क्षेत्र में सिंचाई सुविधा को लेकर जयसमंद झील की मुख्य नहर का निर्माण कार्य जारी है, लेकिन बरसाती कहर ने इस नहर के निर्माण की पोल खोल दी है। मानसून आगमन के साथ बरसे बादलों ने खीरावाड़ा फाटक से निकलने वाली बारां माइनर के करीब ५ किलोमीटर लंबे हिस्से में हुए निर्माण को कई जगह से क्षतिग्रस्त कर दिया है। ग्रामीणों ने विभागीय अनदेखी के चलते घटिया निर्माण के आरोप लगाए हैं। स्थानीय खेतीहरों को टूटी हुई नहर से नुकसान हो रहा है। नहर में जमा बरसाती पानी खेतों में उतर गया है। कई जगह पर खेतों में उगने से पहले ही फसल पानी में डूब गई है। ग्रामीणों ने नहर की पुन: मरम्मत करने की मांग की है। गौरतलब है कि इस क्षेत्र में सिंचाई कार्य के लिए नहरों का निर्माण कार्य किया जा रहा है। ऐसे में निर्माण की गुणवत्ता को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।

विभाग की अनदेखी
नहर निर्माण को लेकर कोई भी अधिकारी मौका देखने नहीं आते। इससे संवेदक स्तर पर मनमानी होती है। पूर्व में भी नरेगा के तहत घटिया निर्माण की बात सामने आई थी। साधारण सभा में मुद्दा उठने के बाद भी विभागीय अधिकारियों ने मौका देखने की जहमत नहीं उठाई।
भगवतीलाल मीणा, सरपंच, अमलोदा