
मुकेश हिंगड़ / उदयपुर . प्रतापनगर चौराहा एक दुकानदार अपनी दुकान के अंदर से पोर्टेबल केबिन को पहिए के जरिए फुटपाथ पर ले आता था जिससे फुटपाथ अवरुद्ध हो जाता था और आसपास की दूसरी दुकानें दब जाती थी। शिकायत पर विधिक प्रक्रिया अपनाकर यूआईटी ने गुरुवार को केबिन को धकेलने के लिए बनी लोहे की पटरी व अन्य निर्माण तोड़ दिए।
तहसीलदार गोवर्धनसिंह झाला के नेतृत्व में यूआईटी टीम ने कटर मशीन से केबिन के दोनों अगले पहिये कटवाए तथा केबिन को धकेलने के लिए लगवा रखी लोहे की एंगल कटवा कर जेसीबी से बाहर निकलवाया। साथ ही रैम्प के फुटपाथ पर आने वाले हिस्से को भी तुड़वाया। टीम ने आस-पास सभी को पाबंद किया कि वे फुटपाथ पर किसी भी प्रकार अतिक्रमण या निर्माण नहीं करें।
यूआईटी के अनुसार फुटपाथ पर मुकेश गकरेचा ने एक केबिन लगा रखा था। दुकानदार ने वहां दो लोहे की एंगल लगाकर एक ट्रेक का निर्माण कर रखा था। वह दुकान खोलकर पान का केबिन को पहियों के जरिये सरका कर बाहर फुटपाथ पर ले आता था जिससे फुटपाथ बाधित होने लगा और दूसरे दुकानदार भी परेशान हो गए।
कई नोटिस दिए पर माना नहीं
झाला ने बताया कि गकरेचा के विरुद्ध यूआईटी तहसीलदार न्यायालय ने नगर सुधार अधिनियम 1959 की धारा 92-ए के तहत प्रकरण दर्ज कर नोटिस जारी किया लेकिन दुकानदार न तो उपस्थित हुआ और न ही नोटिस का जवाब दिया। यूआईटी ने 21 मार्च को दुकानदार को उक्त अतिक्रमण अपने स्तर पर तीन दिन में हटाने को कहा लेकिन उसने पालना नहीं की तो गुरुवार को यूआईटी की टीम ने ही उसे हटवा दिया। कार्रवाई में तहसीलदार के साथ पटवारी रेणू पानेरी, सूरपालसिंह सोलंकी आदि शामिल थे।
Published on:
30 Mar 2018 01:10 pm
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