
प्रेमचंद जयंती पर नाट्य मंचन
उदयपुर . 'प्रेमचंद (Munshi Premchand ) का साहित्य जीवन मूल्यों की जीती जागती पाठशाला है। उनकी कहानियां विद्यार्थी जीवन की अमूल्य धरोहर है। पराधीन देश में जिस संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ उन्होंने जनजागरण का कार्य किया वह अनुकरणीय है। उनका कालजयी साहित्य युगों-युगों तक मानवता को प्रेरणा देता रहेगा।Ó ये विचार ख्यात रंगकर्मी रेखा सिसोदिया ने व्यक्त किए। वे मोहनलाल सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में प्रेमचंद जयंती (Munshi Premchand Birth Anniversary ) की पूर्व संध्या पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहीं थीं।
विभाग प्रभारी डॉ. आशीष सिसोदिया ने बताया कि इस अवसर पर प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी पंच परमेश्वर का मंचन भी किया गया। जिसमें मोहम्मद रिजवान, अगस्त्य हार्दिक नागदा, राघव गुर्जर गौड़, हर्षुल पण्ड्या और चक्षुसिंह रूपावत सहित अन्य नाट्यांश कलाकारों ने भागीदारी निभाई।
कार्यक्रम के दौरान सामाजिक विज्ञान और मानविकी महाविद्यालय अधिष्ठाता प्रो. साधना कोठारी, डॉ. राजकुमार व्यास, डॉ. नीतू परिहार सहित कई संकाय सदस्य, शोधार्थी, विद्यार्थी और गणमान्य उपस्थित थे।
नाट्य मंचन से श्रद्धांजलि आज
नाट्यांश नाटकीय एवं प्रदर्शनीय कला संस्थान की ओर से साहित्य सम्राट मुंशी प्रेमचंद की 139 वीं जयंती के उपलक्ष्य में संस्था कलाकारों द्वारा महाराष्ट्र समाज भवन में शाम 7.15 बजे विभिन्न नाट्य मंचन से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।
Published on:
31 Jul 2019 12:41 pm
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