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Swachh Bharat Mission News : महात्मा गांधी बालिका स्कूल में शौचालय जर्जर, गंदगी से अटा, बालिकाएं परेशान

स्वच्छता अभियान की उड़ रही धज्जियां

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Toilet in Mahatma Gandhi Girls School dilapidated, littered with filth, girls upset

महात्मा गांधी बालिका स्कूल में शौचालय जर्जर, गंदगी से अटा, बालिकाएं परेशान

उदयपुर जिले के झाड़ोल उपखंड मुख्यालय पर आजाद मैदान के पास महात्मा गांधी उच्च माध्यमिक विद्यालय मैं लंबे समय से शौचालय बंद पड़े हैं क्षतिग्रस्त एवं गंदगी के ढेर पड़े हुए हैं जिससे छात्र छात्राओं को शौचालय जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है इस संबंध में जिला कलेक्टर ताराचंद मीणा को भी इस संबंध में जनप्रतिनिधियों द्वारा विद्यालय में बंद पड़े एवं क्षतिग्रस्त हुए शौचालय को ठीक करने की मांग की गई शौचालय गंदगी निस्तारण,एवं सुलभ शौचालय नव निर्माण,एवं पुराने पड़े शौचालय मरम्मत योग्य को बजट तुरंत दिलाने के की मांग की गई उक्त निर्मित शौचालय गंदे पड़े फोटो भी कलेक्टर को दिखाए गए। ताकि एक मात्र उपखण्ड स्तरीय महात्मा गांधी विद्यालय में बालिकाओं को शौच के लिए बाहर बाउंड्री में नहीं जाना पढ़े।कलेक्टर द्वारा आश्वासन दिया गया की बहुत जल्द सुलभ शौचालय बजट जारी कर देंगे एवं साथ में एक पारी समय परिवर्तन कर दो पारियों में विद्यालय चालू करवाने का भी ज्ञापन दिया गया जिसमे विद्यालय में अंग्रेजी माध्यम के साथ ङ्क्षहदी वाले बच्चों पर विपरित प्रभाव पड़ रहा है।ताकि दो पारियों में यदि विद्यालय संचालित होता है। विद्यालय में पढऩे वाले छात्र छात्राओं को पढऩे में सुविधा उपलब्ध हो सकेगी । उक्त विद्यालय 550 के करीब नामांकन है।
इनका कहना है
विद्यालय परिसर में शौचालयो की मरम्मत के लिए प्रस्ताव बनाकर विभाग एवं प्रधान को भी दे रखा है बजट आते ही शौचालयो की मरम्मत करा दी जाएगी।
पारस जैन, महात्मा गांधी विद्यालय झाड़ोल
बजट में खाली हाथ कानोड़, विरोध में दो मार्च को बंद की घोषणा
कानोड़. राज्य सरकार द्वारा जारी बजट घोषणा में कानोड़ को कुछ नहीं मिला। इससे नाराज कानोड़वासी सरकार के खिलाफ आंदोलन करने की तैयारी में जुट गए हैं। बजरंग सेना ने दो मार्च को नगर बंद की घोषणा की है। आंदोलन के लिए सभी राजनीतिक दल, सामाजिक संगठन एक साथ हैं। नगरवासियों का आरोप है कि सरकार कानोड़ के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। तहसील बने चार वर्ष बाद भी सरकार द्वारा बजट नहीं जारी करने से तहसील भवन नहीं बना पाया। तहसील स्टाफ कि अभाव में पालिका के कर्मचारियों के सहयोग व उप तहसील के स्टाफ से तहसील चल रही । पूर्व बजट में आईटीआई कॉलेज खोलने की घोषणा भी धरातल पर मुर्तरूप नहीं ले पाई है केवल जमीन आवंटित करवा बोर्ड लगा दिया गया। मॉडल चिकित्सालय की घोषणा मात्र दिखावा लग रही है , वर्तमान में सामुदायिक चिकित्सालय का स्टाफ व संसाधन भी पर्याप्त नहीं है । नगरवासियों को शुद्ध पैयजल उपलब्ध करवाने के दावे की सच्चाई जमीनी स्तर पर अभी तक नहीं दिख रही है।


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