टै्रक्टर के जरिये दल ने कोडियात से टनल में प्रवेश किया, वहीं एक अन्य दल आकोदड़ा से टनल में उतरा। दोनों दलों ने टनल का बारिकी से निरीक्षण किया। टेपण ने बताया कि निरीक्षण में पूरी टनल सुरक्षित पाई गई है। भूमि के धंसने को लेकर भू वैज्ञानिकों से परामर्श लिया जाएगा और भविष्य में भी टनल को किसी प्रकार का नुकसान न हो, इसके प्रबंध किए जाएंगे।