
traditional festival news यूथ ने भी देखी-समझी राजा हरिशचन्द्र कथा
उदयपुर . traditional festival news आदिवासी लोक कला एवं बोली विकास अकादमी, मध्य प्रदेश सरकार एवं राजस्थान संगीत नाटक अकादमी, जोधपुर के सहयोग से आयोजित लोकनाट्य समारोह के समापन अवसर पर कुचामणी शैली में लोकनाट्य सत्यवादी राजा हरिशचन्द्र की प्रस्तुति को नई पीढ़ी ने मुक्तकंठ सराहा। निदेशक डॉ. लईक हुसैन ने बताया कि भारतीय लोककला मण्डल के मुक्ताकाशी मंच पर अंतिम दिन मारवाड़ लोक कला मण्डल, नागौर के सत्यनारायण शर्मा एवं दल द्वारा राजस्थान की पारम्परिक लोकनाट्य शैली में जन नायकों तथा लोक देवताओं के व्यक्तित्व एवं जीवन चरित्र को प्रभावी ढंग से मंचित किया गया। प्रस्तुत लोकनाट्य सत्यवादी राजा हरिशचन्द्र की कथा में भगवान विष्णु द्वारा उनकी सत्य की परीक्षा लेना, वचन में आकर अपना सबकुछ दान करने तथा अंत में कुछ नहीं बचने पर वचन के कारण अपने प्राणों को भी अर्पित करने की मंशा को देखकर भगवान विष्णु उनका राजपाट पुन: उन्हें सौंप देते हैं। traditional festival news इससे पूर्व संस्थापक देवीलाल सामर की 38 वीं पुण्यतिथि के अवसर संस्था के समस्त कर्मचारियों एवं अतिथियों ने उनकी प्रतिमा पर माल्यापर्ण एवं दीप प्रज्जवलित कर उन्हें श्रद्धांजली दी।
Published on:
03 Dec 2019 10:03 pm
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