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Video : उदयपुर में तूफान ने ली थी सात जानें, 1565 गांवों में बिजली हुई थी गुल

जिले में मंगलवार शाम को आए तूफान से उदयपुर में चार एवं राजसमंद में तीन जानें गई। दोनों जिलों के 1844 गांवों में बिजली गुल हो गई। बिजली बहाल करने का काम दूसरे दिन शाम तक पूरा नहीं हो पाया।
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उदयपुर में तूफान ने ली थी सात जानें, 1565 गांवों में बिजली हुई थी गुल

धीरेन्द्र जोशी/उदयपुर. जिले में मंगलवार शाम को आए तूफान (Tufan) से उदयपुर में चार एवं राजसमंद में तीन जानें गई। दोनों जिलों के 1844 गांवों में बिजली गुल हो गई। बिजली बहाल करने का काम दूसरे दिन शाम तक पूरा नहीं हो पाया। शहर में तूफान का सर्वाधिक प्रभाव बिजली गुल होने से जलापूर्ति पर पड़ा। आपदा प्रबंधन एवं सहायता प्रभारी नरेश बुनकर ने बताया कि प्रारंभिक सूचना के अनुसार झाड़ोल क्षेत्र में शंभू (32) पुत्र रंगा भील निवासी सेलाना, बदी (70) पत्नी जीवा डामोर, गोगुंदा क्षेत्र के गेजवा निवासी माहेता बाई (70) पत्नी लक्ष्मण सिंह, ऋषभदेव क्षेत्र के गड़ावत निवासी गेहरीलाल (52) पुत्र जीवा मीणा मृत्यु हो गई। जिले में पांच लोगों के गंभीर घायल होने की सूचना है जिनका उपचार किया जा रहा है।

फसल खराबा...
आंधी से गोगुन्दा व झाड़ोल में 2 से 5 प्रतिशत, मावली में 15 से 20 प्रतिशत तथा वल्लभनगर तहसील में 10 प्रतिशत फसलों की हानि हुई है। इसी प्रकार पशु क्षति में तहसील गोगुन्दा में 1 बकरी, झाड़ोल में 1 बैल, सलुम्बर में 4 भैंस, मावली में 1 गाय, गिर्वा में 2 बकरी व भीण्डर में 1 बैल की मृत्यु हुई है जबकि गिर्वा में एक भैंस व मावली में एक बछड़ा घायल हुआ है।

मकानों की क्षति ...
मकानों की क्षति में गोगुन्दा तहसील में टीन शेड व कच्चे मकानों के केलू टूटने, झाड़ोल में 9 मकानों के टीन शेड उडऩे की सूचना, मावली में 9 केलूपोश मकान, चदरे व टीनशेड क्षतिग्रस्त, गिर्वा में करीब 100 मकान क्षतिग्रस्त तथा ऋषभदेेव में 20 मकानों के छतों से टीन शेड गिरे हैं।

चटक धूप निकालने से किसानों का राहत
बुधवार को चटक धूप निकलने से किसानों ने राहत की सांस ली है। वे गीले हुए गेंहू के कुंदवों को सूखाने में जुट गए। कृषि उप निदेशक सुधीर वर्मा ने बताया कि जिले की 17 पंचायत समितियों में करवाए गए सर्वे में महज 10 फीसदी खराबा होना सामने आया है। उन्होंने बताया कि खराबे का मतलब यह नहीं कि गेंहू पूरी तरह से खराब हो गए है बल्कि दाना काला पडऩे व फूलने से किसानों को बाजार में कीमत जरूर कम मिलेगी। उन्होंने बताया कि भीण्डऱ, मावली, फतहनगर, वल्लभनगर, कानोड़, झाड़ोल, फलासिया, गिर्वा, बडग़ांव में खेतों व खलिहानों में पड़ी गेंहू-जौ की फसलें गीली होने से खराब हुई है। कृषि उप निदेशक ने बताया कि यदि 2-3 दिन लगातार बारिश और ओले गिरते तो ज्यादा फसलें बर्बाद हो सकती थी। तूफान से पॉली हाउस एवं आम के पेड़ पर आई मंजरी और केरियों को भी नुकसान पहुंचा है।