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चार साल में ढाई हजार करोड़ रुपए का नि:शुल्क उपचार

मरीजों की संख्या में जयपुर पहले व उदयपुर दूसरे स्थान पर

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भुवनेश पंड्या
उदयपुर. प्रदेश में स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत सरकार ने गत चार वर्षों में ढाई हजार करोड़ से अधिक की राशि खर्च कर 34 लाख से अधिक लोगों को निजी और सरकारी हॉस्पिटलों में जांचों के साथ ही निशुल्क उपचार मुहैया कराया। सरकार ने 1 सितम्बर, 2016 से 31 अगस्त, 2019 तक 34 लाख 53 हजार 615 लोगों को बिना खर्च के उपचार उपलब्ध करवाया, इस पर सरकार ने 2565.37 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। खास बात ये है कि प्रदेश में संभागीय मुख्यालयों वाले जिलों में लाभान्वित मरीजों की संख्या की तुलना की जाए तो निजी व सरकारी हॉस्पिटलों को मिलाकर जयपुर पहले व उदयपुर दूसरे स्थान पर है।
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फेक्ट फाइल
संभागीय मुख्यालयों के लाभान्वित मरीज,

(1 सितम्बर, 2016 से 31 अगस्त 2019, तक )
संभागीय मुख्यालय- मरीज सरकारी हॉस्पिटल- मरीज प्राइवेट हॉस्पिटल - कुल

उदयपुर- 73149- 147234- 220383
अजमेर - 91206- 40254- 131460

बीकानेर- 77330-20286 - 97616
कोटा- 93562-51529- 145091

जयपुर- 104626-640467-745093
जोधपुर- 93301-107018- 200319

भरतपुर- 60113-54153- 114266
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इतने पात्र परिवारों का नि:शुल्क इलाज
भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत 31 अगस्त, 2019 तक एवं आयुष्मान भारत महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना 1 सितम्बर, 2019 से अब तक नियमित जन आधार कार्ड के माध्यम से पात्र परिवारों का नि:शुल्क इलाज किया जा रहा है। 01 जनवरी, 2019 से 30 जून, 2020 तक की अवधि में कुल 17 लाख 22 हजार 775 व्यक्तियों का नि:शुल्क इलाज किया गया। बीमा कम्पनी की ओर से 1 जनवरी, 2019 से 12 दिसम्बर 2019 तक अनुबंध समाप्ति तक निजी चिकित्सालयों को 1012.23 करोड़ रुपए के क्लेम्स का भुगतान किया गया। साथ ही 52.67 करोड़ क्लेम्स का भुगतान प्रक्रियाधीन है।

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ये है योजनाएं

राजस्थान में भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना एवं आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजनाओं को एकीकृत कर 1 सितम्बर, 2019 से नवीन योजना आयुष्मान भारत महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना लागू की गई है।
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राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी की ओर से गत चार वित्तीय वर्ष के बजट का प्रावधान व व्यय

वर्ष- राशि आवंटित- खर्च राशि
2016.17- 400.13-382.33

2017.18-760.38-744.83
2018.19-1183.15-1152.73

2019.20-309.44-285.48
(31 अगस्त 19 तक)

इसमें खास बात ये रही कि जो भी राशि जारी की गई है, पिछले वर्षों में उयका पूर्ण खर्च नहीं हो पाया है।

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