
Court sentenced a temporary bank worker to embezzlement of thirty lakhs to ten years
मोहम्मद इलियास/ उदयपुर
जमीन विवाद में लठ से वार कर पिता की हत्या करने वाले आरोपी बेटे-बहू को न्यायालय ने आजीवन कारावास व साढ़े छह हजार-साढ़े छह हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।
टीडी थाने में 8 जून, 2019 को जाबला फला उपला निवासी वीरजी मीणा ने अपने भाई कानजी व रस्सीबाई के खिलाफ जमीन विवाद में पिता कालू मीणा हत्या का मामला दर्ज करवाया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया। विशिष्ट लोक अभियोजक बंशीलाल गवारिया ने आवश्यक साक्ष्य व दस्तावेज पेश करने के साथ ही तर्क दिया कि आरोपियों ने एक व्यक्ति की हत्या की है। यदि हत्या के प्रकरणों में नरमी का रुख अपनाया गया तो समाज में अव्यवस्था फैल जाएगी और कानून का डर नहीं रहेगा। समाज में व्यवस्था बनी रही, इस कारण आरोपियों को अधिक से अधिक दंड दिया जाए। विशिष्ट न्यायाधीश अजा/अजजा (अनिप्र) की पीठासीन अधिकारी ज्योति के.सोनी ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोप सिद्ध होने पर आरोपी कानजी व उसकी पत्नी रस्सीबाई को हत्या का दोषी माना। न्यायालय ने दोनों को धारा 302/34 में आजीवन कारावास व पांच-पांच हजार, धारा 341/34 में एक माह का साधारण कारावास व पांच सौ-पांच सौ रुपए तथा 323/34 में छह-छह माह साधारण कारावास व एक-एक हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।
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यह था मामला
परिवादी वीरजी ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि पिता कालू जी ने तीनों भाइयों को जमीन का बराबर बंटवारा करके दी लेकिन बड़ा भाई कानजी बंटवारे से संतुष्ट नहीं था। कम जमीन देना बताकर वह प्रतिदिन लड़ाई-झगड़ा व गाली गलौज करता था। 7 जून को भी उसने नशे में गाली गलौज की। अगले दिन अलसुबह भाभी के साथ लठ लेकर उन्हें मारने आ गया। उसी समय पिता पंचों को बुलाने गए तो आरोपियों ने उन्हें रोकते हुए लठ से मारपीट की। चिल्लाने पर परिवादी की पत्नी, जीजा, पुत्र किरण बीच बचाव करने पहुंचे। पिता के सिर पर गंभीर चोट लगने से वे लहूलुहान होकर बेहोश हो गए। अस्पताल ले जाने पर इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
Published on:
03 Nov 2022 09:34 pm
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