23 मार्च 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

उदयपुर में नशेड़ी बेच रहे नशे की टेबलेट व इंजेक्शन, दो दवा विक्रेता का लाइसेंस निरस्त

उदयपुर में नशेड़ी बेच रहे नशे की टेबलेट व इंजेक्शन, दो दवा विक्रेता का लाइसेंस निरस्त

2 min read
Google source verification
चिकित्सा विभाग के पास दवाइयाें की पूरी मात्रा

चिकित्सा विभाग के पास दवाइयाें की पूरी मात्रा


मोहम्मद इलियास/उदयपुर

औषधि नियंत्रण एवं अनुज्ञापन विभाग की टीम ने मंगलवार को दो बड़े ड्रग डिस्ट्रीब्यूटर की फर्म छापा मारा। टीम को वहां अवैध रूप से से नशे में प्रयुक्त टेबलेट व इंजेक्शन मिले, जिन्हें दवा विक्रेताओं द्वारा फर्जी बिलों में सप्लाई दिखाकर नशेडिय़ों के माध्यम से राज्य के अलग-अलग जिले व गुजरात में बेच सामने आया। बरामद दवाओं में कुछ दवाएं तो ऐसी थी जो सब्जियों व दुधारू पशुओं के लिए दी जा रही थी, इनके उपयोग के बाद सब्जी व दूध मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताई गई।

सहायक औषधि नियंत्रक एवं औषधि अनुज्ञापन अधिकारी ललित अजारिया ने बताया कि अब तक की जांच व दस्तावेजों में इन ड्रग डिस्ट्रीब्यूटर द्वारा एल्प्राजोलाम, ट्रामाडोल टेबलेट एवं इन्जेक्शन तथा ओक्सीटोसिन इन्जेक्शन भारी मात्रा में बेचना बताया। जब टीमों ने संबंधित फर्म पर जांच की तो फर्जीवाड़ा खुलकर सामने आया, वहां भी भारी मात्रा में अलग-अलग फर्म के सप्लाई के बिल मिले, जांच में सभी फर्म ने कभी भी इन दवाओं को संबंधित डिस्ट्रीब्यूटर से नहीं खरीदना बताया। जांच के बाद अजारिया ने हिरणमगरी स्थित मैसर्स सिद्धि ड्रग डिस्ट्रीब्यूटर एवं मैसर्स यूडीआर हेल्थकेयर के ड्रग के लाइसेंस निरस्त कर दिए। टीम अब इन फर्मो के खिलाफ संबंधित थाने में मामला दर्ज करवाएगी। बरामद दवाएं चिकित्सकीय परामर्श के बाद मानसिक व तनावग्रस्त रोगी तथा हृदय रोग से पीडि़त व्यक्ति निर्धारित मात्रा में दी जाती है।

---

यूं खुली पोल

टीम ने गत 12 जून 2022 को मुकेश खटीक नामक एक युवक को पकड़ते हुए उसके कब्जे से भारी मात्रा में नशीली दवाएं बरामद की थी। टीम ने आरोपी के विरुद्ध प्रतापनगर थाने में मामला दर्ज करवाया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था, आरोपी से पूछताछ के बाद टीम ने हिरणमगरी स्थित इन दवा विक्रेताओं के यहां ड्रग इन्स्पेक्टर कुलदीप सिंह यदुवंशी ने छापा मारते हुए भारी मात्रा में नशे की दवाएं बरामद की। टीम को दोनों दवा विक्रेताओं के यहां पर राज्य व गुजरात के विभिन्न रिेटेलरों के नाम से दवा बेचने के विक्रय मिले जो जांच के बाद फर्जी पाए गए।

--

नशे, सब्जी व दूध में काम में ले रहे दवाओं को

- प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ कि इन दवाओं को नशे का कारोबार करने वाले व्यक्तियों/ गिरोह को बड़े मुनाफे पर अवैध रूप से बेचान किया गया, जो कि मानव जाति में खासकर युवा पीढी के लिए घातक है।

- दवा विक्रेताओं द्वारा भारी मात्रा में ओक्सीटोसिन इन्जेक्शन को क्रय कर इन्हें अवैध रूप से बेचा गया तथा अन्य फर्मो के नाम से बेचान के फर्जी बिल बनाए गए। उक्त औषधि का विक्रय प्रतिबंधित श्रेणी में आता है।

- नशेडिय़ों ने इसका दुरूपयोग कृषि गतिविधियों अथवा अधिक पैदावार लेने के लिए अवैध कृषकों,संस्थाओं को किया गया। इसका दुरुपयोग दुधारू पशुओं पर अधिक मात्रा में दुध लेेने तथा कृषि पैदावार में फल सब्जियों में किया गया।

- इन दवाओं से उत्पादित फल, सब्जियां व दुध उत्पादों का उपभोग मानव जाति के लिये खतरा है। खासतौर पर गर्भवती महिलाओं में इनके उपयोग से गर्भपात होने, महिलाओं में अनियमित पीड़ादायक मासिक धर्म होने तथा किशोरों में कई विकृतियां होने की संभावना है।