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नक्सलियों की तरह ट्रैक व पुलिया पर डेटोनेटर लगाकर किया ब्लास्ट, पटरियों में दरार, अगर दौड़ जाती ट्रेन तो होता बड़ा हादसा

नक्सलियों की तरह ट्रैक व पुलिया पर डेटोनेटर लगाकर किया ब्लास्ट, पटरियों में दरार, अगर दौड़ जाती ट्रेन तो होता बड़ा हादसा

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मोहम्मद इलियास/ उदयपुर
जी-20 शिखर सम्मेलन व गुजरात चुनाव से ठीक पहले नक्सलियों की तरह उपद्रवियों ने शनिवार रात उदयपुर-अहमदाबाद ब्रॉडगेज लाइन पर डेटोनेटर से विस्फोट करते हुए ट्रैक व पुलिया उड़ाने की साजिश की। विस्फोट उदयपुर से 35 किमी दूर ओड़ा रेलवे पुलिया पर किया गया, जहां धमाके के बाद ट्रैक में क्रेक आ गए। लोहे व विस्फोटक के टुकड़े काफी दूर तक उछले। साथ ही लोहे का बड़ा चद्दर खड़ा हो गया। महज 13 दिन पहले ही शुरू हुए इस ट्रैक पर विस्फोट से रेलवे महकमा ही नहीं बल्कि देशभर की सुरक्षा एजेन्सियां हिल गई। विस्फोट के कारणों के पीछे अभी नक्लवाद, गुजरात में चुनाव सहित कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।

विस्फोट के बाद संभागीय आयुक्त राजेन्द्र भट्ट, जिला कलक्टर ताराचंद मीणा, एसपी विकास कुमार के साथ ही रेलवे, एटीएस, एफएसएल व डॉग स्कवायड टीम मौके पर पहुंची। टीमों ने मौके पर कई साक्ष्य जुटाए है, जिनकी अभी विस्तृत जांच जारी है।

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ट्रेन के गुजरने के बाद हुआ विस्फोट

ओड़ा पुलिया पर रात करीब 8.15 बजे उदयपुर-असावरा ट्रेन के गुजरने के महज 15 मिनट बाद ही धमाका हुआ। संभवत: ट्रेन गुजरने से पहले यह विस्फोट लगा दिया गया था जो संयोग से ब्लास्ट नहीं हो पाया। अगर यह ब्लास्ट हो जाता तो ट्रेन पुलिया से नीचे गिरती। इस ट्रेन के गुजरने के बाद रविवार दोपहर 11.30 बजे वापस असावरा से उदयपुर ट्रेन आने वाली थी लेकिन विस्फोट का पता चलने के बाद इसे डूंगरपुर में ही रोक दिया गया।

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रात को सुना था ग्रामीणों ने धमाका

विस्फोट रात करीब 8.30 बजे हुआ। धमाके की आवाज रात को ही एक किलोमीटर दूर तक ग्रामीणों ने सुनी। कुछ ग्रामीण घरों से निकलकर सडक़ पर आए। उन्होंने आसपास निरीक्षण भी किया लेकिन उन्हें 34 मीटर की ऊंचाई पर पुलिया पर हुए विस्फोट का आभास नहीं हो पाया। सडक़ से देखने पर पुलिया सही सलामत दिखने के कारण उन्होंने उस पर ध्यान नहीं दिया। रात करीब 12.30 बजे संदीप मीणा नौकरी से घर पहुंचा तो उसे मां ने विस्फोट की जानकारी दी। वह भी एक बार घूम कर आया लेकिन सुबह उजाला होते ही वह पुलिया पर पहुंचा तो पटरी के बीच लगी लोहे की चद्दर टूटी होकर मुड़ी हुई मिली। पटरी पर क्रेक नजर आया। उसने ग्रामीणों की मदद से पुलिस को सूचना दी। उसके बाद सभी मौके पर पहुंचे। पुलिस-प्रशासन व रेलवे अधिकारियों के पहुंचने से पहले ग्रामीणों ने घटनास्थल पर पटरी पर मुड़ी लोहे की चद्दर पर लाल कपड़ा डाला।