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ऊपरी कमाई का ऐसा लगा चस्का, नौकरी पूरी होने पर अवैध राशि वसूलने का चला रखा था रैकेेट

ऊपरी कमाई का ऐसा लगा चस्का, नौकरी पूरी होने पर अवैध राशि वसूलने का चला रखा था रैकेेट

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मोहम्मद इलियास/उदयपुर
उदयपुर-अहमदाबाद हाइवे पर रतनपुर चौकी (डूंगरपुर) पर अवैध राशि सहित पकड़ी गई परिवहन की टीम के खिलाफ एसीबी ने गुरुवार को मामला दर्ज किया। आरोपियों में वहां तैनात एक जिला परिवहन अधिकारी, छह निरीक्षक, एक उपनिरीक्षक, तीन गार्ड, दो दलाल व एक रिटायर्ड डीटीओ सहित 14 जनों को आरोपी बनाया है। आरोपी में रिटायर्ड डीटीओ रघुवीरसिंह द्वारा अवैध राशि संकलन कर ऊपर तक के अधिकारियों तक देना सामने आया है।एसीबी अधिकारियों का कहना था कि इस डीटीओ ने सब इंस्पेक्टर से भर्ती होने के बाद से रिटायर्ड होने तक अधिकांश ड्यूटी इसी चौकी पर की। सेवानिवृत्त होने के बाद भी यही पर काम करता हुआ अवैध राशि का संकलन कर रहा था। इसके अलावा कुछ गार्ड ऐसे भी मिले, जिनकी ड्यूटी इस चौकी पर नहीं होने के बावजूद वे वहां बकायदा वर्दी में ड्यूटी कर रहे थे।-- इन्हें बनाया आरोपीएसीबी ने खिंवाड़ा देसूरी (पाली) निवासी उपनिरीक्षक छगनलाल मेघवाल, डूंडिया बागोट परबतसर (नागौर) निवासी पूरणसिंह, मांझी कठूमर (अलवर) निवासी गार्ड जितेन्द्रसिंह, गोकुलपुरा कालवाड़ रोड (जयपुर) निवासी गार्ड महिपालसिंह, जाजोद श्रीमाधोपुर (सीकर) निवासी नेपालसिंह उर्फ महिपाल, रतनपुर कर संग्रह केन्द्र पर तैनात जिला परिवहन अधिकारी अनिल माथुर, परिवहन निरीक्षक हेमसिंह, राजेश पाठक, दिलीप सोलंकी, गौरव सक्सेना, मनीष माथुर, सूचना सहायक प्रवीण कलाल, रतनपुर का निजी व्यक्ति मनोज व सेवानिवृत्त जिला परिवहन अधिकारी रघुवीरसिंह के खिलाफ धारा 7,7ए भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 व 384, 120 बी के तहत मामला दर्ज किया। एसीबी ने आरोपियों में कुछ को ट्रेप करने के बाद चौकी पर छापा मारते हुए वहां से 2.69 लाख रुपए की अवैध राशि पकड़ी थी। यह राशि महज दो से तीन घंटे का कलेक्शन बताई गई।
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एसीबी ने माना साथ में किया भ्रष्टाचार
एसीबी ने जांच में माना कि चौकी पर सेवानिवृत्त जिला परिवहन अधिकारी तथा अन्य आरोपियों ने आपस में मिलीभगत कर चेक पोस्ट से गुजरने वाले ट्रकों व अन्य व्यावसायिक वाहनों से अवैध वसूली की तथा साथ में मिलकर भ्रष्टाचार किया। सभी द्वारा प्रतिदिन बड़ी मात्रा में अवैध राशि एकत्रित करना, परिवहन विभाग के अन्य उच्चाधिकारियों व महत्वपूर्ण व्यक्तियों तक पहुंचाना आदि तथ्य सामने आए है।
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ये तथ्य भी आए सामने
- एसीबी की जांच में आया कि वहां हर आधे घंटे में निरीक्षक से अवैध राशि का कलेक्शन लेकर दलाल रघुवीर सिंह तक पहंचा रहा था।
- रघुवीर सिंह की इस राशि को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी थी। यह राशि किस-किस को बंटती थी, इसकी अभी जांच की जा रही है।
- रघुवीर सिंह लम्बे समय से उसी चौकी पर तैनात रहा तो उसे इसकी पूरी गणित पता थी, इसी विश्वास के चलते वह रिटायरमेंट के बाद भी वहीं रहा।
- गार्ड जितेन्द्रसिंह की वहां ड्यूटी नहीं होने के बाद वह वहीं पर मिला।