25 अक्टूबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

राजस्थान: विधायक के पीए का स्टेटस, किस पुलिसकर्मी को कहां लगाएं, बना चर्चा का विषय

उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन के निजी सहायक (पीए) का वॉट्सऐप स्टेटस शहर में चर्चा का विषय बन गया है। पीए के स्टेटस में लिखा था कि किस सीआई को शहरी थाने में रखना है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

उदयपुर

•

image

kamlesh sharma

•

Updated: 19 Nov 2025, 4:25 PM IST

फोटो पत्रिका नेटवर्क

उदयपुर। शहर विधायक ताराचंद जैन के निजी सहायक (पीए) का वॉट्सऐप स्टेटस शहर में चर्चा का विषय बन गया है। पीए के स्टेटस में लिखा था कि किस सीआई को शहरी थाने में रखना है। ऐसे में पुलिसकर्मियों की पोस्टिंग में नेताओं की पसंद और डिजायर सामने आई है।

विधायक ताराचंद जैन के पीए महेंद्र कुमार ने मंगलवार सुबह वॉट्सएप स्टेटस पर 4 कमेंट लिखे थे। इसमें सीधे तौर पर एसपी योगेश गोयल को संबोधित करते हुए संदेश लिखा था। इसमें सीआई सुखदेव सिंह पुत्र सवाई सिंह का नाम था। लिखा था कि इन्हें उदयपुर शहर में ही रखवाना है। इसके बाद 8 थानों की लिस्ट दी गई थी। इसमें अम्बामाता, सवीना, प्रतापनगर, नाई, मावली, फतहनगर, खेरोदा और वल्लभनगर के नाम थे।

जिसने देखा, चौंक गया

पीए के स्टेटस पर लिखे चार कमेंट जिसने भी देखे, चौंक गया। कई लोगों को समझ नहीं आया कि सीआई, थाने व एसपी के नाम क्यों लिखे हैं। शुभचिंतकों ने पीए को फोन कर इस बारे में जानकारी दी, जिसके बाद कुछ देर में स्टेटस डिलीट कर दिया। हालांकि लोगों ने स्टेटस के स्क्रीनशॉट ले लिए और वायरल कर दिया।

थानों की पोस्टिंग में राजनीतिक दखल

हाल ही में एसआई से सीआई बने कई अधिकारियों को उदयपुर जिला आवंटित हुआ है। ऐसे में पीए के स्टेटस ने यह स्पष्ट कर दिया कि पुलिस पोस्टिंग में राजनीतिक दखल एक आम बात है। विधायक पसंद के अनुसार थानों की कमान दिलवाना चाहते हैं। आगामी कुछ दिनों में ही थानाधिकारियों की तबादला सूची जारी होने की संभावना है, जिसमें थानाधिकारियों को इधर-उधर किया जाएगा।

इनका कहना है

कई सरकारी कर्मचारियों के प्रार्थना-पत्र आते रहते हैं। यह सामान्य प्रक्रिया है। हाल ही में उदयपुर रेंज में स्थानांतरित हुए पुलिस अधिकारियों की सूची में से कुछ उदयपुर जिले में आए हैं। एक अधिकारी का प्रार्थना पत्र था, जिसमें उन्होंने करीब 8 थानों की सूची भेजते हुए उसमें से कहीं पर पोस्टिंग करवाने का निवेदन किया था। पीए महेंद्र प्रार्थना पत्र मुझे ही भेज रहे थे, तभी गलती से स्टेटस लग गया। इस तरह के प्रार्थना पत्र जनप्रतिनिधियों के पास रोजाना आते हैं।

ताराचंद जैन, शहर विधायक