
28 वर्ष पुराने वसूली मामले में उदयपुर कलक्टर की कुर्सी कुर्क, सेल अमीन ने न्यायालय के आदेश पर की कार्रवाई
मो. इलियास/उदयपुर. 28 वर्ष पूर्व उदयपुर-डबोक-चित्तौडग़ढ़ स्टेट हाइवे बनाने वाली हैदराबाद की केएमसी कंपनी की करीब 10 करोड़ रुपए की बकाया वसूली के लिए न्यायालय के आदेश पर गुरुवार को जिला कलक्टर की कुर्सी कुर्क कर दी गई।
दोपहर को सेल अमीन अल्लानूर ने जिला कलक्टर को कुर्की की जानकारी दी। बाद में उन्होंने स्टॉफ के साथ कुर्सी पर कोर्ट आदेश से कार्रवाई की सूचना चस्पा की। आवश्यक कार्रवाई के बाद मोतबिर कलक्टर की कुर्सी को ठेले में डालकर ले गया। इस दौरान कोर्ट में लोगों का मजमा लग गया। 1998 से बकाया चल रही राशि को पाने के लिए परिवादी कंपनी का निदेशक वेणु गोपाल रेड्डी सरकारी दफ्तरों व कोर्ट के चक्कर काटते-काटते वृद्ध हो गया। 40 वर्ष की उम्र में उसने सड़क का निर्माण किया और अब वह 67 साल की उम्र का होकर बीमार है।
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1998 से चल रही थी बाकियात
कंपनी के अधिवक्ता संजय कोठारी ने बताया कि वर्ष 1990 में मिले कार्यादेश पर वर्ष 1998 में सड़क निर्माण पूरा हो गया था। भुगतान नहीं मिलने पर कंपनी आर्बिटे्रशन ट्रिब्यूनल में गई थी, जहां से वर्ष 2011 में कंपनी के पक्ष में निर्णय हुआ। कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया था कि वह 6 माह के अंदर कंपनी को भुगतान करे अन्यथा उसके बाद ब्याज देय होगा। आदेश के बावजूद सरकार व अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया। कम्पनी अपील में गई तो अपर जिला एवं सत्र न्यायालय में वर्ष 2015 में राज्य सरकार के प्रार्थना पत्र को खारिज कर फैसला यथावत रखा। इस पर राज्य सरकार ने ठेकेदार को भुगतान करने एवं ब्याज की देयता के लिए जिम्मेदारी अधिकारी का निर्णय किया, लेकिन भुगतान नहीं करने पर कम्पनी को न्यायालय में फिर से वसूली के लिए प्रार्थना पत्र पेश करना पड़ा।
हर बार टलाते रहे
- 1 फरवरी 2018 को सेल अमीन ने न्यायालय के आदेश पर कुर्की के लिए पहुंचे तो जिला कलक्टर ने एक सप्ताह में भुगतान का आश्वासन दिया।
- राज्य सरकार इस बीच हाईकोर्ट में अपील में जाना बताया लेकिन परिवादियों को किसी भी तरह को कोई नोटिस नहीं मिला।
Published on:
31 Aug 2018 06:00 am
