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पे्रमिका से विश्वासघात कर किया सौदा, धकेला वेश्यावृत्ति में

पे्रमिका से विश्वासघात कर किया सौदा, धकेला वेश्यावृत्ति में
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Reward on absconding warranties

मोहम्मद इलियास/उदयपुर.

बचपन से प्रेम करने वाली एक युवती से विश्वासघात कर प्रेमी ने उसे गुजरात के दलालों को दो लाख में बेचते हुए जबरन वेश्यावृति के धंधे में धकेल दिया। दलालों ने भी कमाई के बाद पीडि़ता को एक युवक से विवाह रचाते हुए पैसे ले लिए। युवक ने भी उसे प्रताडि़त कर होटल में दुष्कर्म किया। पानरवा थाना पुलिस ने इस पूर्र हाईप्रोफाइल प्रकरण का खुलासा करते हुए प्रेमी, दलाल व विवाह रचाने वाले युवक सहित तीन आरोपियों को गुजरात से गिरफ्तार किया। एसपी कैलाशचन्द्र विश्नोई ने बताया कि पीडि़ता की रिपोर्ट पर उपाधीक्षक शंभूसिंह राठौड़, पानरवा थानाधिकारी सकाराम मय टीम ने तफ्तीश के बाद अपहरण व दुष्कर्म के मामले में प्रेमी टिंडोरी पानरवा निवासी विजय उर्फ विजेश कुमार ननामा, दलाल रिंटोड़ा भिलोड़ा गुजरात निवासी रामजी भाई पुत्र दौलाजी परमार व विवाह रचाने वाले सोनीसर तलोद साबरकांठा गुजरात निवासी महेन्द्रसिंह पुत्र अदेसिंह झाला को गिरफ्तार किया। न्यायालय ने रामजी व विजय को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया जबकि महेन्द्रसिंह को रिमांड पर रखने के आदेश दिए।आरोपी महेन्द्र ने पीडि़ता से जबरन दिखावे का विवाह रचाते हुए उसे हिम्मतनगर, इडछरभिलोडा, दलौत आदि जगह होटलों में कमरों में बंद रखकर दुष्कर्म कर प्रताडि़त किया। आरोपियों के चंगुल से छूटने के बाद पीड़ता ने द्वारा थाने में रिपोर्ट देते हुए पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया। पुलिस ने मामले में सबसे पहले विजय ननामा को पकड़ा।
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दो लाख में बेचा दलालों को
विजय ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि पीडि़ता के साथ उसका बचपन से प्रेमप्रसंग था। वह शादीशुदा होने के बावजूद पीडि़ता उस पर अटूट विश्वास करती थी। उसने प्रेमिका के इसी विश्वास का फायदा उठाकर उसे गुजरात में बेचने व पैसे कमाने की योजना बनाई। इसके लिए ने गुजरात के दलाल रामजी भाई परमार व लीला बेन रावल से सम्पर्क कर दो लाख में सौदा तय किया।
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आश्रम गांव ले जाकर सौंपा दलालों को
आरोपी विजय ने बताया कि वह पीडि़ता को 18 जून 18 को विश्वास में लेकर गांव से भगाते हुए गुजरात के आश्रम ले गया। वहां उसे पहले से ही दोनों दलाल कार लेकर खड़े मिले। उसने वहां पीडि़ता को सौंपते हुए जबरन कार में बिठाना चाहा तो वह उसने मना कर दिया। विजय स्वयं कार में पीडि़ता के साथ बैठ गया, कुछ आगे जाने के बाद दलालों से दो लाख लेकर कार से उतर गया। पीडि़ता का कहना था कि दोनों दलाल उसे अपने मकान पर ले गए। वहां एक कमरे में बंद कर जबरन वेश्यावृत्ति करवाई। मना करने पर आरोपियों ने उसके साथ खूब मारपीट की। उसके बाद आरोपियों ने पीडि़ता की जबरन महेन्द्र सिंह से विवाह रचाकर पैसा ले लिया। महेन्द्र ने उसे होटल बंद कर दुष्कर्म किया। इस दौरान मौका पाकर पीडि़ता वहां से भाग निकली।