
बांसवाड़ा में फैल रही भ्रष्टाचार की अमरबेल, ACB ने चार महीनों में चार सरकारी कार्मिकों को रिश्वत लेते दबोचा
मोहम्मद इलियास/उदयपुर
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की स्पेशल यूनिट ने शनिवार को लसाडिय़ा थानाधिकारी दौलतसिंह व कांस्टेबल चालक सलमान को दो हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। आरोपियों ने यह राशि अवैध बजरी से भरे टै्रक्टर को छोडऩे के एवज में ली थी। कार्रवाई के दौरान कांस्टेबल ने टीम को देखते ही भागते हुए स्वयं को मैस में बंद कर लिया और रिश्वत राशि को जलाने का प्रयास किया। टीम ने जबरन दरवाजा खुलवाते हुए राशि बरामद की। गिरफ्तार थानाधिकारी सेना से रिटायर्ड होने के बाद वर्ष 2010 में पुलिस सेवा में बतौर सबइंस्पेक्टर भर्ती हुआ। शहर के दो थानों में सेंकड अफसर के बाद पिछले एक साल से लसाडिय़ा थाने में तैनात था।
एएसपी सुरेन्द्र सिंह भाटी ने बताया कि रेलमहुड़ी लसाडिय़ा निवासी गणेशलाल पुत्र हेंगा मीणा ने थानाधिकारी बड़ी का चौड़ा, अजमेर निवासी दौलतसिंह पुत्र नरसिंह राजपूत व कांस्टेबल चालक इशाकपुरा निम्बाहेड़ा चित्तौडगढ़़ निवासी सलमान पुत्र इनायत अली के खिलाफ बजरी का टै्रक्टर छोडऩे के एवज में रिश्वत मांगने की शिकायत की थी। सत्यापन पुष्टि के बाद हैड कांस्टेबल सुरेश कुमार, कांस्टेबल नारायण सिंह चूंडावत, नंद किशोर पण्ड्या, दशरथ सिंह राठौड़ व यूसुफ मोहम्मद ने दोनों आरोपियों को थाना परिसर में ही धरदबोचा। कार्रवाई के बाद सीआई हरीशचन्द्र सिंह के नेतृत्व में टीम ने थानाधिकारी के पुलिस लाइन स्थित आवास व ब्यावर में पैतृक घर की तलाशी ली। टीम को उदयपुर में गांव में जमीन व मकान के कागज मिले।
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तीन हजार पहले ले लिए पहले
परिवादी ने रिपोर्ट में बताया कि आवश्यकता होने से वह 6 अगस्त को अपने टै्रक्टर में रेत लेकर घर जा रहा था। रास्ते में थाने के पास चौराहे पर थानाधिकारी दौलतसिंह व कांस्टेबल सलमान ने ट्रैक्टर को रोककर थाने में खड़ा करवा दिया। कांस्टेबल ने ट्रैक्टर छोडऩे के एवज में 12 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। विनती करने पर सात हजार लेने पर राजी हुआ तथा तीन हजार रुपए हाथोंहाथ ले लिए। ब्यूरो ने 10 अगस्त को सत्यापन करवाया तो कांस्टेबल ने ट्रैक्टर छोडऩे के एवज में पूर्व में लिए तीन हजार रुपए स्वयं व थानाधिकारी द्वारा लेने बताए तथा तीन हजार रुपए की और मांग की। परिवादी की राशि कम करने की मांग पर वह दो हजार पर मान गया।
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कांस्टेबल ने खुद को कर लिया मैस में बंद
आरोपी कांस्टेबल ने परिवादी से रिश्वत के दो हजार रुपए लेने के बाद उसे थानाधिकारी दौलतसिंह के मिलवाया। इस दौरान परिवादी ने दो-तीन माह की छूट मांगी तो थानाधिकारी ने कहा कि दो-तीन माह क्या होता है। उसी समय इशारा पाकर एसीबी की टीम जब वहां पहुंची तो आरोपी कांस्टेबल थाने के पीछे से भागता हुआ मैस में घुस गया। दरवाजा बंद कर उसने रिश्वत राशि को जलाने का प्रयास किया। एसीबी टीम ने गेट को जबरन खोलते हुए राशि बरामद की तथा थानाधिकारी व उसे गिरफ्तार किया।
Published on:
18 Aug 2019 08:00 am
