
सविना थाना, उदयपुर (पत्रिका फाइल फोटो)
Udaipur Crime: उदयपुर शहर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का गलत इस्तेमाल कर एक विवाहिता का फेक अश्लील वीडियो तैयार किया गया।
पीड़िता ने सवीना थाना पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि कॉलेज में पढ़ने वाला एक पूर्व सहपाठी पिछले कई वर्षों से उस पर दोस्ती का दबाव बना रहा था। शादी के बाद भी आरोपी लगातार परेशान करता रहा और अब उसने एआई का दुरुपयोग कर विवाहिता और उसके परिवार को मानसिक प्रताड़ना दी है।
थानाधिकारी अजय सिंह राव के अनुसार, पीड़िता एक सप्ताह से मायके में रह रही थी। इसी दौरान 4 सितंबर को आरोपी ने विवाहिता का एआई से तैयार किया गया आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उसके पति को भेज दिया। वीडियो देखकर पति हैरान रह गया और तुरंत पत्नी से बातचीत की। मामले की गंभीरता समझते हुए पीड़िता ने सोमवार (8 सितंबर) को सवीना थाना क्षेत्र में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
पीड़िता ने बताया कि आरोपी साल 2021 में कॉलेज में उसके साथ पढ़ता था। तभी से वह दोस्ती के लिए दबाव डालता रहा। विवाहिता की शादी करीब दस महीने पहले हुई थी, लेकिन इसके बावजूद आरोपी ने पीछा नहीं छोड़ा।
वह बार-बार फोन और सोशल मीडिया पर संदेश भेजकर परेशान करता रहा। दोस्ती से इनकार करने पर आरोपी ने धमकी दी कि वह उसका फेक अश्लील वीडियो बनाकर वायरल कर देगा। इसी वजह से विवाहिता ने कुछ समय पहले अपना मोबाइल नंबर तक बदल दिया था।
इसके बाद आरोपी ने विवाहिता के पति के साथ-साथ कुछ परिचितों को भी यह फेक वीडियो भेज दिया। पुलिस का कहना है कि आरोपी वर्तमान में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि वीडियो पूरी तरह से एआई टेक्नोलॉजी से बनाया गया है और यह असली नहीं है।
थानाधिकारी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। साइबर टीम भी जांच में जुट गई है, ताकि वीडियो के प्रसार को रोका जा सके और आरोपी की तकनीकी गतिविधियों की पूरी जानकारी जुटाई जा सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि एआई और डीप फेक तकनीक का दुरुपयोग तेजी से बढ़ रहा है। अगर कोई इस तरह का शिकार होता है तो घबराने के बजाय तुरंत कदम उठाने चाहिए।
-सबसे पहले साइबर क्राइम पोर्टल cybercrime.gov.in या https://www.cybercrime.gov.in पर Report Women/Child Related Crime सेक्शन में शिकायत दर्ज करें।
-वीडियो, लिंक या स्क्रीनशॉट जैसे सबूत अपलोड करें।
-नजदीकी साइबर सेल या पुलिस थाने में जाकर FIR दर्ज कराएं।
-सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर संबंधित पोस्ट को रिपोर्ट करके टेकडाउन रिक्वेस्ट डालें।
-महिलाओं से जुड़े मामलों में हेल्पलाइन 1091 या 181 पर कॉल करें।
-नेशनल कमीशन फॉर वुमन (NCW) की वेबसाइट पर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है।
Updated on:
9 Sep 2025, 1:22 PM IST
Published on:
9 Sep 2025, 1:22 PM IST
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