
उदयपुर वन विभाग ने जंगलों को बचाने के लिए की ये अनूठी पहल, आप भी करेंगे तारीफ...
धीरेंद्र जोशी/ प्रमोद सोनी उदयपुर . वन विभाग ने शहर के आसपास स्थित जंगलों को बचाने की जो पहल की गई है, वह सराहनीय है। एक के बाद एक विकसित किए जा रहे पार्क जहां सरकार को लंबी अवधि तक कमाई देंगे, वहीं इनमें आसपास रहने वाले ग्रामीणों को रोजगार मिल रहा है।
वन विभाग और सरकार ने शहर के आसपास अब तक तीन पार्क विकसित किए गए हैं। जैव विविधता पार्क अंबेरी के बाद बड़ी में इकोटोन पार्क शुरू हो गए हैं। जल्द ही चिरवा का घाटे में नगर वन उद्यान भी शुरू हो जाएगा। इन दो पार्कों की आय लगातार बढ़ रही है जिससे इनका विकास भी तेजी से हो रहा है और कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ी है।
दो साल में 28 लाख की कमाई
अंबेरी स्थित जैव विविधता पार्क का उद्घाटन दो वर्ष पहले हुआ। वित्तीय वर्ष 2016-17 में 23833 पर्यटकों से 8 लाख 42 हजार 280 रुपए की आय हुई। इसी प्रकार 2017-18 में पार्क में घूमने के लिए 46227 पर्यटकों से 19 लाख 95 हजार 600 रुपए का शुल्क वसूला गया है। दोनों वर्षों में जनवरी-2018 में सर्वाधिक 7175 पर्यटक पार्क में आए जिनसे एक ही माह में 3 लाख 15 हजार 460 रुपए की आय प्राप्त हुई।
ये हैं शुल्क
पार्क में घूमने आने वाले पर्यटकों से 30 रुपए प्रति व्यक्ति टिकट लिया जाता है। विद्यार्थियों से 10 एवं विदेशी पर्यटकों से 100 रुपए प्रति सदस्य शुल्क लिया जा रहा है। जैव विविधता पार्क बनने के साथ ही ट्री वॉक और एक जीप लाइन बनाई गई थी। बाद में इसकी कमाई से दो जीप लाइन और बनाई गई और पार्क का दायरा बढ़ाया जा रहा है। इसी प्रकार इकॉटोन पार्क और नगर उद्यान को भी विकसित किया जाएगा। इकॉटोन पार्क में प्लेटफार्म पर टेंट लाकर रात ठहर सकते हैं जिसका चार्ज 200 रुपए हैं।
प्राकृतिक वातावरण में शहर के नजदीक पार्क विकसित करने के पीछे उद्देश्य यह है कि लोगों का रुझान और लगाव प्रकृति के प्रति बढ़े। साथ ही उस क्षेत्र को सुरक्षा और संरक्षण भी मिले। क्षेत्र का विकास स्थानीय लोगों की जनसहभागिता से किया जा रहा है जिससे उन्हें भी रोजगार मिल रहा है। साथ ही इन पार्कों पर लगातार अधिकारियों की निगाह रहती है।
- ओपी शर्मा, उप वन संरक्षक उत्तर
Published on:
07 Jul 2018 07:00 am
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